भारत के सर्वोच्च न्यायालय एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के निर्देशों के अनुपालन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग में ग्रीष्मकालीन अवकाश 2026 तक प्रशासनिक कार्यों के सुचारु संचालन तथा ऊर्जा संरक्षण के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ‘वाहन पूलिंग’ व्यवस्था लागू कर दी गई है।
हालांकि, हर कार्यदिवस में कार्यालय एवं न्यायालय में न्यूनतम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी, ताकि न्यायालयीन कामकाज प्रभावित न हो
ईंधन की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए सभी न्यायिक अधिकारियों को वाहन पूलिंग अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। शासकीय वाहनों के उपयोग में वाहन पूलिंग व्यवस्था का कड़ाई से पालन करना होगा।

इसमें सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट द्वारा जारी परिपत्रों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
कर्मचारियों के लिए नियम बैठक में तय किया गया कि न्यायिक अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को सप्ताह में अधिकतम दो दिन ‘वर्क प्रॉम होम’ की अनुमति दे सकेंगे।

