रेलवे ने जिस ट्रेन को समर स्पेशल बताया था वह आंदोलन स्पेशल निकली। गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे की ओर से चलाई जा रही जगदलपुर-हजरत निजामुद्दीन समर स्पेशल ट्रेन को लेकर गुरुवार को नया विवाद खड़ा हो गया।
समर स्पेशल के नाम पर चलाई गई इस ट्रेन को लेकर पूरे दिन यात्रियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही।
कई यात्रियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और रेलवे काउंटर पर जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन टिकट नहीं मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों से बातचीत में कई लोगों ने बताया कि वे दिल्ली में आयोजित डी-लिङ्क्षस्टग के आंदोलन में शामिल होने जा रहे हैं।

यदि यह विशेष उद्देश्य से संचालित की गई थी, तो इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? प्रचार में यह क्यों कहा गया कि यह समर स्पेशल ट्रेन है।
स्थानीय यात्रियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जब किसी ट्रेन को ’’समर स्पेशल’’ के रूप में प्रचारित किया जाता है, तो उससे आम लोगों को अतिरिक्त सुविधा मिलने की उम्मीद रहती है। ऐसे में टिकट बुकिंग नहीं खुलने और ट्रेन के भरकर रवाना होने से स्वाभाविक रूप से सवाल उठ रहे हैं।

