विशेष समाचार (बेनी माधव कुशवाहा डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर शहडोल)
सीधी ग्राम पंचायत, ।
ग्राम पंचायत सीधी स्थित वर्षों पुराने आस्था के केंद्र दुरपता माता मंदिर स्थल पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
यह स्थान केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं बल्कि गांव की सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान का केंद्र माना जाता है, जहां हर वर्ष परंपरागत रूप से पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान एवं सामूहिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सार्वजनिक एवं धार्मिक उपयोग की भूमि पर धीरे-धीरे कब्जा कर उसकी पवित्रता को प्रभावित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो आने वाले समय में धार्मिक आयोजन बाधित हो सकते हैं,
जिससे सामाजिक और धार्मिक तनाव की स्थिति भी निर्मित हो सकती है।


स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। लोगों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
धार्मिक दृष्टि से यह मामला अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दुरपता माता स्थल क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां वर्षों से चली आ रही पूजा परंपरा को समाप्त करने जैसी स्थिति निर्मित करना सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर कोरिया से मांग की है कि राजस्व एवं पंचायत विभाग की संयुक्त टीम बनाकर तत्काल स्थल का निरीक्षण कराया जाए और सार्वजनिक धार्मिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
साथ ही दोषियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति धार्मिक स्थलों पर कब्जा करने का दुस्साहस न कर सके।
वहीं स्थानीय लोगों ने विधायक से भी हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करें।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनआंदोलन एवं धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।

