पीएम मोदी ने दो दिन पहले लोगों से पेट्रोल-डीजल के कम उपयोग की अपील की थी। पीएम की अपील के दूसरे दिन ही शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप बंद होते दिखे। जहां पेट्रोल-डीजल मिल रहे थे वहां लंबी कतार लगी रही। यह एक बड़े संकट की आहट है, हालांकि दावा किया जा रहा है ,
ईंधन संकट का असर आम नागरिकों, किसानों, ट्रैक्टर चालकों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों पर साफ दिखाई दिया।
अधिकांश पेट्रोल पंपों पर डीजल पूरी तरह खत्म हो चुका है। डीजल नहीं मिलने से किसान और ट्रैक्टर चालक सबसे ज्यादा परेशान दिखाई दिए। कई किसानों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने बताया कि पहले से बिजली संकट की समस्या बनी हुई है,

डीजल नहीं मिलने से खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है। खेतों में ङ्क्षसचाई और ट्रैक्टर का काम पूरी तरह डीजल पर निर्भर है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है,
डीजल की तलाश में लोग एक पेट्रोल पंप से दूसरे पेट्रोल पंप तक चक्कर लगाते रहे, लेकिन कहीं भी डीजल उपलब्ध नहीं था। कई स्थानों पर डीजल वाहन खड़े दिखाई दिए, जिन्हें ईंधन नहीं मिलने के कारण संचालित नहीं किया जा सका।

