सूरजपुर/13 मई 2026/ कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने आज महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कुपोषण नियंत्रण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, बाल विवाह रोकथाम, आंगनबाड़ी संचालन तथा अधोसंरचना से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित महिला बाल विकास विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने जिले में अल्पवजन एवं कुपोषित बच्चों की स्थिति की जानकारी लेते हुए बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को रेडी टू ईट खाद्य सामग्री वितरण तथा आंगनबाड़ियों में गर्म भोजन उपलब्ध कराने की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आंगनबाड़ियों से सुबह एवं शाम नियमित रिपोर्ट ली जाए। जिन केंद्रों में बच्चों एवं महिलाओं को रेडी टू ईट, गर्म भोजन अथवा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में लापरवाही पाई जाए, वहां संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं पर सख्त कार्रवाई करते हुए बर्खास्तगी की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में ब्लॉकवार अपार आईडी निर्माण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने 50 ग्रामों में रोटेशन के आधार पर विशेष शिविर आयोजित कर व्यापक स्तर पर आधार कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण तथा अद्यतन कराने के निर्देश दिए। साथ ही शिविरों के माध्यम से आधार एवं जन्म प्रमाण पत्र में नामों की त्रुटियों को शीघ्र सुधारने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। जिले में बाल विवाह रोकथाम की स्थिति की समीक्षा करते हुए रोके गए बाल विवाहों की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने जिन क्षेत्रों में बाल विवाह की घटनाएं अधिक होती हैं, वहां व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा बड़े पैमाने पर बाल विवाह रोकथाम अभियान संचालित करने के निर्देश दिए।


बैठक में आंगनबाड़ी भवनों की स्थिति एवं निर्माणाधीन भवनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना की प्रगति एवं केवाईसी कार्यों की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने पोक्सो अधिनियम 2012 के अंतर्गत पीड़ितों को प्रदान की जाने वाली सहायता एवं राहत संबंधी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।


कलेक्टर ने पीएचसी एवं सीएचसी के निर्माणाधीन भवनों को शीघ्र पूर्ण कर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

