कोरिया/भरतपुर–सोनहत | विशेष रिपोर्ट/निलेश सोनी
श्याम सिंह मरकाम ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतपुर–सोनहत क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है।
लगातार गांव-गांव पहुंचकर वे आम जनता से मुलाकात कर रहे हैं, लोगों का कुशलक्षेम जान रहे हैं तथा क्षेत्रीय समस्याओं पर सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की असली पहचान “जल, जंगल और जमीन” से है, लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण आदिवासियों को उनके पारंपरिक अधिकारों से दूर किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जंगलों की अंधाधुंध कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है, जिसका गंभीर असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा।


Gondwana Ganatantra Party के राष्ट्रीय महासचिव मरकाम ने कहा कि यदि आदिवासी हितों, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करनी है, तो क्षेत्र में गोंडवाना पार्टी की सरकार बनाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी केवल चुनावी वादों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि आज ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
बेरोजगारी, पलायन, वनाधिकार के लंबित मामले और किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर गंभीर दिखाई नहीं दे रही।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, भारतपुर–सोनहत जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हुई है।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी का यह जनसंपर्क अभियान क्षेत्रीय राजनीति में नया समीकरण खड़ा कर सकता है।

श्याम सिंह मरकाम ने यह भी कहा कि वनांचल क्षेत्रों में आज भी सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है।
वनाधिकार पट्टों के लंबित मामलों, किसानों की परेशानियों और बढ़ते पलायन को लेकर भी उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

