Home छत्तीसगढ़ शहडोल (जयसिंहनगर) – सत्ता पक्ष की शिकायत भी बेअसर — अवैध रेत...

शहडोल (जयसिंहनगर) – सत्ता पक्ष की शिकायत भी बेअसर — अवैध रेत परिवहन पर प्रशासन नाकाम, ओवरलोड डंपरों से जनजीवन खतरे में

16
0

शहडोल (जयसिंहनगर) | विशेष रिपोर्ट: बेनी माधव कुशवाहा

शहडोल जिले के जयसिंहनगर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सीधी के रिमार नकटा टोला से गुजरने वाला मार्ग इन दिनों प्रशासनिक लापरवाही और अवैध खनन माफियाओं की मनमानी का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है।

हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि सत्ताधारी दल के अधिकृत लेटर पैड पर की गई शिकायत भी अधिकारियों को कार्रवाई के लिए मजबूर नहीं कर सकी है।

दिनांक 25 अप्रैल 2026 को भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय गुप्ता द्वारा थाना सीधी में लिखित आवेदन सौंपकर स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया था कि उक्त मार्ग पर प्रतिदिन अवैध रेत से भरे ओवरलोड डंपर और ट्रकों का निर्बाध आवागमन हो रहा है।

इसके बावजूद पुलिस और खनिज विभाग की निष्क्रियता ने यह साबित कर दिया है कि या तो प्रशासन पूरी तरह बेपरवाह है या फिर इस अवैध कारोबार को मौन स्वीकृति प्राप्त है।

कानून व्यवस्था पर सीधा सवाल

ओवरलोड वाहनों का यह सिलसिला न केवल मोटर व्हीकल एक्ट का खुला उल्लंघन है, बल्कि यह आम नागरिकों के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।

भारी वाहनों के कारण सड़कें तेजी से जर्जर हो रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है।

उड़ती धूल और प्रदूषण ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।

प्रशासनिक उदासीनता या संरक्षित अवैध कारोबार?

सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि राजनीतिक स्तर से शिकायत के बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

यह स्थिति कहीं न कहीं संभावित मिलीभगत या दबाव की ओर भी इशारा करती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

जनाक्रोश उफान पर, आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश चरम पर है। लोगों का साफ कहना है कि यदि अवैध रेत परिवहन और ओवरलोड वाहनों पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई,

तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

सबसे बड़ा सवाल

जब सत्ता पक्ष के अधिकृत पत्र पर भी कार्रवाई नहीं हो रही, तो आम नागरिक की शिकायतों की स्थिति क्या होगी?

यह प्रश्न न केवल प्रशासन की जवाबदेही तय करता है, बल्कि पूरे तंत्र की विश्वसनीयता पर भी गंभीर चोट करता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here