रिपोर्ट: विशेष संवाददाता
श्री राम राजवाडे जिला रिपोर्टर बैकुंठपुर छत्तीसगढ़
प्रदेश के कोरिया जिला ग्रामीण अंचलों में भूमि अतिक्रमण की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
ताजा मामला ग्राम पंचायत बर्दिया गोगरी बांध से सामने आया है, जहां ऐरी केसन की निजी जमीन पर दबंगों द्वारा कथित रूप से अवैध कब्जा कर लिया गया है।
इस गंभीर प्रकरण ने न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि कानून व्यवस्था की प्रभावशीलता को भी कटघरे में ला खड़ा किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित ऐरी केसन की भूमि पर बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के अतिक्रमण कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
आश्चर्यजनक रूप से, मामले की शिकायत संबंधित राजस्व विभाग और पंचायत स्तर पर किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।
यह स्थिति स्पष्ट रूप से शासन की मंशा और जमीनी हकीकत के बीच गहरी खाई को दर्शाती है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की भूमि पर बिना स्वामित्व या अनुमति के कब्जा करना भारतीय दंड संहिता तथा राजस्व संहिता के तहत दंडनीय अपराध है।
इसके बावजूद यदि प्रशासन निष्क्रिय बना रहता है, तो यह न केवल कर्तव्यहीनता बल्कि संवैधानिक दायित्वों की अवहेलना भी मानी जाएगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही, पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए त्वरित हस्तक्षेप की आवश्यकता जताई है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर प्रकरण पर कब तक संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है, या फिर अतिक्रमण की यह प्रवृत्ति यूं ही बेलगाम जारी रहेगी।

