विशेष रिपोर्ट | श्री राम राजवाडे जिला रिपोर्टर बैकुंठपुर
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बर्दिया से एक चिंताजनक मामला सामने आया है,
जहां गोबरी जलाशय के समीप स्थित प्राचीन शिव मंदिर में वर्षों से आयोजित होता आ रहा महाशिवरात्रि मेला अब बंद होने की कगार पर पहुंच गया है।
स्थानीय स्तर पर मिल रही जानकारी के अनुसार, मेला परिसर की भूमि पर धीरे-धीरे निजी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिससे इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक एकता और स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर हजारों श्रद्धालु यहां एकत्रित होते थे, जिससे छोटे व्यापारियों और ग्रामीणों को आर्थिक लाभ मिलता था।
अतिक्रमण पर प्रशासन मौन, पंचायत पर उठे सवाल
मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि मेला स्थल की भूमि पर कथित रूप से हो रहे अतिक्रमण के बावजूद पंचायत स्तर पर कोई ठोस आवाज नहीं उठ रही है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे अतिक्रमणकर्ताओं के हौसले बुलंद हैं।
धार्मिक विरासत बनाम निजी स्वार्थ
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस प्रकार के अतिक्रमण पर रोक नहीं लगाई गई,
तो देशभर में इस तरह की कई ऐतिहासिक और धार्मिक परंपराएं समाप्त हो सकती हैं। यह मामला केवल एक गांव तक सीमित नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की राष्ट्रीय चुनौती को दर्शाता है।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर मेला भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और महाशिवरात्रि मेले की परंपरा को पुनः सुरक्षित करने की मांग की है।
यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में यह ऐतिहासिक मेला केवल स्मृतियों में सिमटकर रह जाएगा।

