कोरिया/बैकुंठपुर (विशेष रिपोर्ट):
श्री राम राजवाडे जिला रिपोर्टर
जनपद पंचायत बैकुंठपुर अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरदिया इन दिनों अपनी बदहाल व्यवस्था और जिम्मेदारों की अनुपस्थिति को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है।
पंचायत भवन की मौजूदा स्थिति देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि यहां प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
ग्रामीणों और सूत्रों के अनुसार पंचायत भवन अक्सर बंद रहता है। भवन के मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ मिलता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पंचायत नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही।




पंचायत सचिव के बारे में आरोप है कि वे शायद ही कभी समय पर उपस्थित होते हैं, वहीं सरपंच की भी स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है—ग्रामीणों का कहना है कि उनसे संपर्क तक नहीं हो पा रहा।
पंचायत परिसर चारों ओर से गंदगी से घिरा हुआ है। साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नजर नहीं आती, जिससे न केवल पंचायत की छवि धूमिल हो रही है बल्कि यह ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकता है।
सबसे गंभीर बात यह है कि रोजगार सहायक सहित पंचायत के अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीणों को मिलने वाली सुविधाओं पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उनका कहना है कि पंचायत केवल कागजों में ही संचालित हो रही है। जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।


ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जिला पंचायत कोरिया से मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पंचायत में नियमित उपस्थिति और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
ग्राम पंचायत बड़िया की स्थिति यह दर्शाती है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो पंचायत स्तर पर विकास और जनसेवा केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगी।
यह मामला न केवल स्थानीय बल्कि पर पंचायत व्यवस्था की साख पर भी सवाल खड़ा करता है।

