📍 खबर/ रंजीत प्रजापति…..
देवगढ़ वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ओदारी बीट क्षेत्र में जंगलों की वर्तमान स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है।
जानकारी के अनुसार महुआ संग्रहण के लिए स्थानीय स्तर पर वनों में आग लगाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
इस तरह की गतिविधियों से न केवल वन क्षेत्र की हरियाली प्रभावित हो रही है, बल्कि वहां मौजूद बहुमूल्य जड़ी-बूटियां, जैविक संपदा एवं प्राकृतिक संसाधन भी नष्ट हो रहे हैं।

इसके साथ ही वन क्षेत्र में निवास करने वाले वन्य प्राणी एवं पक्षियों के जीवन पर भी सीधा खतरा उत्पन्न हो रहा है।
कई छोटे जीव-जंतु एवं पक्षी आग की चपेट में आकर नष्ट हो जाते हैं या पलायन को मजबूर हो जाते हैं।
वन विभाग देवगढ़ से अपेक्षा की जा रही है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी एवं कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं, ताकि वे वनों के संरक्षण के महत्व को समझ सकें।
यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो क्षेत्र की पर्यावरणीय व्यवस्था एवं जैव विविधता को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है।

