By: बेनी माधव कुशवाहा
(District Reporter),
शहडोल
📍 सीधी (मध्य प्रदेश) |
ग्राम पंचायत सीधी के वार्ड क्रमांक 3 (शोटकन टोला) में नल-जल योजना की गंभीर विफलता सामने आई है।
पूर्व में जहां केवल पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से जल का अपव्यय हो रहा था, वहीं अब स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है—गांव के कई घरों में लगे नल कनेक्शनों तक पानी पहुंचना पूरी तरह बंद हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, पाइपलाइन की समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण सप्लाई सिस्टम पूरी तरह बाधित हो गया है। इससे स्पष्ट होता है कि योजना के संचालन एवं रख-रखाव में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
⚠️ योजना की मंशा पर सवाल
केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “हर घर जल” योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन वर्तमान हालात में यह योजना गांव में “हर घर संकट” का रूप लेती नजर आ रही है।
जल आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों को वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे उनकी दैनिक दिनचर्या और स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ रहा है।

🗣️ प्रशासनिक जवाबदेही जरूरी
यह मामला सीधे तौर पर ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। पाइपलाइन की मरम्मत, जल आपूर्ति की निरंतरता और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी पंचायत एवं जल प्रबंधन तंत्र की होती है।
इसके बावजूद महीनों से समस्या का समाधान न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
यदि समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से जल आपूर्ति पूरी तरह बाधित
घरों तक नल कनेक्शन में पानी की सप्लाई बंद
रख-रखाव एवं निगरानी प्रणाली में गंभीर कमी
ग्रामीणों को पेयजल के लिए वैकल्पिक संसाधनों पर निर्भरता
यह मामला प्रशासन के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि नल-जल योजना के क्रियान्वयन में निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य एवं जल आपूर्ति बहाल करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि योजना का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंच सके।

