📍 सोनहत/कोरिया (संवाददाता):
Nilesh Soni
वनांचल क्षेत्र की ग्राम पंचायत केशगवा में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 15वें वित्त आयोग की राशि के बंदरबांट का आरोप पंचायत सचिव पर लगा है।
शिकायत के अनुसार लगभग 3 लाख रुपये की राशि फर्जी तरीके से आहरण कर गबन किया गया है।
बताया जा रहा है कि पंचायत सचिव ने सरपंच को विश्वास में लेकर धोखे से उनके डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर) का उपयोग किया और फर्जी सप्लायर के नाम पर एफटीओ जनरेट कर शासन की राशि निकाल ली। इस वित्तीय अनियमितता की जानकारी सरपंच को भी नहीं थी,


जिससे पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस मामले की शिकायत 5 अगस्त 2025 को कलेक्टर जनदर्शन में की गई थी। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि भी हुई, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी न तो आरोपी सचिव पर कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही राशि की वसूली की गई।
पंच संघ सोनहत ने इस मामले में कड़ी नाराजगी जताते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। संघ के अध्यक्ष प्रेम सागर तिवारी ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई नहीं की गई, तो कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा।


ग्रामीणों और पंच संघ का आरोप है कि इस पूरे घोटाले में जांच अधिकारी की भी संलिप्तता हो सकती है, जो मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। गबन के कारण पंचायत के विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं।
🗣️ पंच संघ का कहना है:
यह सीधे तौर पर जनता के पैसे की चोरी है। यदि प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई नहीं करता, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

