छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित रामगढ़ पहाड़ी की सीताबेंगरा और जोगीमारा गुफाएं प्राचीन नाट्यशाला के रूप में याद की जाती हैं। इन्हें विश्व की सबसे प्राचीन नाट्यशालाओं में से एक माना जाता है, जो नाट्यशास्त्र से भी पुरानी हैं।यह गुफा प्राकृतिक रूप से बनी है, लेकिन इसमें पत्थर काटकर बनाई गई रंगशाला जैसी संरचना है। अर्ध-वृत्ताकार दर्शक सीटिंग, स्टेज एरिया और खुला प्रदर्शन स्थल।कुछ विद्वान मानते हैं कि भरत मुनि ने इसी प्रकार की प्राचीन नाट्यशालाओं को देखकर नाट्यशास्त्र की रचना की होगी। सीताबेंगरा को एशिया का सबसे पुराना ओपन-एयर थिएटर माना जाता है। पास ही जोगीमारा गुफा में ब्राह्मी लिपि के अभिलेख मिले हैं, जो प्राचीन कलाकारों, गायकों और नाट्य कला का जिक्र करते हैं।

