बुंदेलखंड की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना अब जल संकट के समाधान से ज्यादा आदिवासियों के अस्तित्व की लड़ाई बन गई है। छतरपुर और पन्ना की सीमाओं पर जारी विरोध प्रदर्शन अब खौफनाक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रशासन के तमाम दबावों को दरकिनार करते हुए हजारों आदिवासी किसान, विशेषकर महिलाएं, चिता आंदोलन के जरिए सरकार को चुनौती दे रही हैं।

