रायपुर। छत्तीसगढ़ की नई राजधानी नवा रायपुर देश की आंतरिक सुरक्षा के भविष्य को तय करने वाले एक ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी करने जा रही है। भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) नवा रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक होने वाला राष्ट्रीय DGP–IG सम्मेलन इस वर्ष का ही नहीं, बल्कि अब तक का सबसे व्यापक और महत्वपूर्ण सुरक्षा आयोजन माना जा रहा है। इस बार पहली बार ऐसा होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल तीनों पूरा समय सम्मेलन में मौजूद रहेंगे। पूरी तीन दिवसीय मौजूदगी से यह आयोजन रणनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण बन गया है।
27 तारीख से शुरू होगी वीवीआईपी मूवमेंट
सूत्रों के अनुसार— अमित शाह और NSA अजीत डोभाल 27 नवंबर को ही रायपुर पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 28 नवंबर की शाम आएंगे, और 30 नवंबर को समापन सत्र को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी के भाजपा कार्यालय जाकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने की भी चर्चा है।
आंतरिक सुरक्षा पर तीन दिन गहन मंथन
सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सबसे अहम विषयों पर व्यापक चर्चा होगी, जिनमें शामिल हैं— आतंकवाद और उग्रवाद, नक्सलवाद, साइबर अपराध, नए आपराधिक कानून, मादक पदार्थों की तस्करी, सीमा और तटीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियाँ
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में होने वाला यह सम्मेलन आने वाले वर्षों की राष्ट्रीय आंतरिक सुरक्षा नीति का नया रोडमैप तैयार करेगा।
राज्य सरकार ने कहा—यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण
राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा— “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ आगमन हमारे लिए गौरव की बात है। यह सम्मेलन देश की सुरक्षा रणनीति को नई दिशा देगा। राज्य सरकार ने सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कर दी हैं।” चूँकि आयोजन पूरी तरह केंद्रीय गृह मंत्रालय का है, इसलिए राज्य सरकार की भूमिका— एयरपोर्ट स्वागत, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रांसपोर्ट और प्रशासनिक प्रबंधन तक सीमित रहेगी।
कॉन्फ्रेंस स्थल पर नो-एंट्री—केवल चुनिंदा अधिकारी शामिल
सम्मेलन में छत्तीसगढ़ से केवल— डीजीपी, ACS होम, और 5 IG स्तर के अधिकारियों को अनुमति होगी। किसी भी अन्य वीआईपी, नेता या सरकारी अधिकारी को IIM परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
IIM परिसर बना हाई–सिक्योरिटी ज़ोन
IIM नवा रायपुर को पूर्ण सुरक्षा घेरे में बदल दिया गया है। एसपीजी, आईबी और जिला पुलिस ज़ोन-वार सुरक्षा लागू कर रहे हैं। हर मिनट का उपयोग तय किया गया है—योगा सत्रों से लेकर भोजन तक में टेबल-डिस्कशन होंगे, ताकि सम्मेलन सिर्फ औपचारिकता न रहकर एक वर्किंग सिक्योरिटी कैंप बन जाए।
नवा रायपुर पर देशभर की नजरें
तीन दिनों तक नवा रायपुर देश की सुरक्षा नीति का केंद्र बनने वाला है, और पूरे देश की निगाहें इस रणनीतिक सम्मेलन के परिणामों पर टिकी हुई हैं।



