जिला मुख्यालय में धान खरीदी प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही बड़े विवाद ने जोर पकड़ लिया है। 15 नवंबर से प्रारंभ होने वाली धान खरीदी से पूर्व धान खरीदी प्रबंधक अजय कुमार साहू को उनके पद से हटा दिया गया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से प्रबंधक पर धान खरीदी प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़े आरोप लगाए जाते रहे थे। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने इन आरोपों और प्रक्रिया संबंधी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की।
अपराधिक गतिविधियों के आरोपों पर क्षेत्र में हलचल
जानकारी मिली है कि पटना धान खरीदी केंद्र में कुछ लोगों द्वारा अभद्र शब्दों का उपयोग किए जाने का मामला भी सामने आया है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो पुलिस विभाग को सौंपा गया है, जिसकी शिकायत भी दर्ज कराई गई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि धान खरीदी केंद्रों पर पिछले कुछ समय से “अपराधिक गतिविधियों” के चलते किसान और केंद्र संचालक दोनों ही असहज स्थिति में हैं।

पुलिस कार्यवाही पर सवाल
सूत्रों का कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस द्वारा मामले में अपेक्षित कार्रवाई न किए जाने की चर्चा है। यहां तक कि कुछ लोगों ने पुलिस पर धन लेकर मामले को नज़रअंदाज़ करने के आरोप भी लगाए हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
केंद्र से जुड़े कुछ व्यक्तियों पर भी सवाल
लोकल सूत्र यह भी बताते हैं कि धान खरीदी केंद्रों में तैनात कुछ व्यक्तियों का अतीत संदिग्ध रहा है और उनके नाम पहले भी विभिन्न आपराधिक मामलों में जुड़े बताए जाते रहे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से इन मामलों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अब नज़र थाना प्रभारी पर
मुख्य सवाल यह है कि धान खरीदी केंद्र में अभद्रता और उत्पात के आरोपों पर थाना प्रभारी आगे क्या कार्रवाई करते हैं— क्या संबंधित शिकायत पर कार्रवाई होगी या यह मामला भी कागज़ों में दबकर रह जाएगा, इसे लेकर क्षेत्र में चर्चा जारी है।


