रतलाम/भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार अब युवाओं को सिर्फ डिग्री नहीं, डिजिटल युग की स्किल्स भी देने जा रही है! उच्च शिक्षा विभाग ने एक अभिनव पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत राज्य के आठ सरकारी कॉलेजों में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, ग्राफिक्स, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसी) लैब स्थापित की जा रही हैं। इन लैब्स में विद्यार्थी अब एनिमेशन, वीएफएक्स, ग्राफिक डिजाइनिंग और वर्चुअल रियलिटी जैसे विषयों का हैंड्स-ऑन एक्सपीरियंस प्राप्त कर सकेंगे — यानी क्लासरूम से निकलकर सीधे रोज़गार की दुनिया में कदम रख पाएंगे।
कहाँ बनेंगी ये हाई-टेक लैब्स?
ये लैब्स इन 8 प्रमुख कॉलेजों में स्थापित की जा रही हैं
- शासकीय कमलाराजे कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, ग्वालियर
- शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, इंदौर
- शासकीय हमीदिया आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय, भोपाल
- सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, भोपाल
- शासकीय माधव आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय, उज्जैन
- शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, धार
- शासकीय एम.के.बी. आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय, जबलपुर
- शासकीय कन्या महाविद्यालय, रतलाम
हर लैब पर खर्च होंगे 90 लाख रुपए
प्रत्येक लैब पर लगभग 90 लाख रुपए का खर्च आएगा। यानी आठों लैब्स पर कुल 7 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जा रहा है। इनमें से चार लैब्स विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से और चार उच्च शिक्षा विभाग द्वारा बनाई जा रही हैं।
अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग ने कहा —
“हम चाहते हैं कि सरकारी कॉलेजों के विद्यार्थी भी डिजिटल और क्रिएटिव इंडस्ट्री की नई लहर से जुड़ें। एवीजीसी लैब्स से छात्रों को रोजगारपरक स्किल्स मिलेंगी और नए करियर के रास्ते खुलेंगे।”
इस पायलट प्रोजेक्ट के ज़रिए मध्य प्रदेश के कॉलेज अब केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि युवाओं को 21वीं सदी की तकनीक-आधारित शिक्षा से जोड़ेंगे।



