कोरबा जिले की कुसमुंडा खदान में भूस्थापितों ने कंपनी पर मनमाने रवैये और स्थानीय लोगों को प्राथमिकता न देने का आरोप लगाया है। इसको लेकर 10 नवंबर को छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में संगठन के पदाधिकारी और ड्राइवर संघ के सदस्य भी शामिल हुए। उन्होंने रोजगार, नौकरी से निकाले गए लोगों को पुनः नियुक्त करने और स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के बाद एसईसीएल जीएम कार्यालय में त्रिपक्षीय वार्ता का आयोजन किया गया। इस बैठक में कंपनी प्रतिनिधि, जिला और पुलिस प्रशासन, एसईसीएल प्रबंधन, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के पदाधिकारी, ड्राइवर और भू-विस्थापित प्रतिनिधि मौजूद रहे। वार्ता में संगठन की मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई और कई बिंदुओं पर सकारात्मक पहल करने पर सहमति बनी।
हालांकि, क्रांति सेना ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी सात दिनों के भीतर कंपनी और प्रबंधन कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता है, तो कंपनी के खिलाफ ताला बंद आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में उठाई गई प्रमुख मांगें
- स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाए।
- काम से निकाले गए लोगों को पुनः नौकरी पर रखा जाए।
- स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए।
इस दौरान छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप, प्रदेश संगठन मंत्री भैया उमा गोपाल, जिला संयोजक अतुल दास महंत सहित अन्य पदाधिकारी और ड्राइवर संघ के कई प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



