बैकुण्ठपुर/कोरिया: नगर पालिका में सौंदर्यकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी धनराशि के कथित दुरुपयोग के मामले ने शहर में सनसनी फैला दी है। आरोप हैं कि कई पार्षद और ठेकेदार इस राशि का निजी लाभ उठा रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि बार-बार समाचार प्रकाशित होने के बावजूद कोरिया प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। विशेषज्ञों और नागरिकों का मानना है कि राजनीतिक दल केवल दिखावे के लिए मौजूद हैं। बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि उनके लिए सत्ता या समाज की भलाई से ज्यादा निजी लाभ महत्वपूर्ण है। नगर पालिका के अधिकारी और अध्यक्ष कथित तौर पर अपने पसंदीदा ठेकेदारों को ही ठेका देते हैं। वहीं, कुछ लोग फर्जी वीडियो और समाचारों का सहारा लेकर अपने स्वार्थ सिद्ध कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, बाहर से आने वाले कुछ मुसलमान नागरिकों को पार्षदों द्वारा राशन कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इनमें कई बांग्लादेशी और रोहनिया मूल के बताए जा रहे हैं। इससे सरकारी योजनाओं का गलत लाभ उठाया जा रहा है। स्थानीय लोग चिंतित हैं कि बैकुण्ठपुर मुख्यालय धीरे-धीरे यूपी-बरेली जैसी स्थिति की ओर बढ़ रहा है, जहां समुदायों के बीच असंतुलन बढ़ रहा है। कुछ हिन्दू नागरिक भी ऐसे समूहों की मदद कर रहे हैं, जिससे स्थिति और जटिल होती जा रही है। पूर्व में कुछ पार्षदों ने पैसे के बल पर अपनी पार्टी बदलकर दूसरी पार्टी का समर्थन किया था। यह घटनाएँ भी भ्रष्टाचार की गंभीरता को दर्शाती हैं।
वहीं फिरोज अहमद नामक व्यक्ति ने वशिष्ठ टाइम्स कार्यालय और संपादक के पड़ोस का निवास आग के हवाले कर दिया। इसके बावजूद पुलिस और राजस्व विभाग ने शिकायत को नजरअंदाज किया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो शहर यूपी-बरेली जैसी स्थिति में बदल सकता है। इस पूरी स्थिति के लिए जिम्मेदार राज्य शासन और प्रशासन माने जाएंगे।


