कोरिया (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर अब एक नया आकर्षण जुड़ने जा रहा है। राज्य सरकार ने कोरिया जिले में प्रदेश की पहली हाउसबोट परियोजना शुरू करने की घोषणा की है। यह अनोखी पहल न केवल कोरिया की प्राकृतिक सुंदरता को नई पहचान देगी, बल्कि राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का काम करेगी।
कोरिया की झीलों पर तैरेगा नया सपना
हाउसबोट परियोजना का निर्माण मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया क्षेत्र के खूबसूरत जलाशयों में किया जा रहा है। यहाँ की शांत झीलें, घने जंगल, पहाड़ और ठंडी हवाएँ मिलकर इसे छत्तीसगढ़ का “मिनी केरल” बनाने की दिशा में अग्रसर कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटक यहाँ हाउसबोट में ठहरकर प्राकृतिक दृश्यों, लोक संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का आनंद ले सकें।
हाउसबोट की खासियतें
हर हाउसबोट में बेडरूम, मॉडर्न बाथरूम, मिनी किचन और डाइनिंग एरिया, सोलर एनर्जी से संचालित पर्यावरण-मित्र डिज़ाइन, स्थानीय व्यंजन, लोकसंगीत और ट्राइबल कल्चर से जुड़ा अनुभव, रात में झील के बीच तारों के नीचे ठहरने का अद्भुत अनुभव, सुरक्षा और आपात सुविधा के लिए प्रशिक्षित दल की व्यवस्था
पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा
मंत्री एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि यह परियोजना न केवल कोरिया को पर्यटन की नई पहचान देगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के सैकड़ों अवसर भी खोलेगी। हाउसबोट के संचालन, गाइडिंग, खानपान, हैंडीक्राफ्ट और फोक आर्ट से जुड़ी कई स्थानीय संस्थाओं को भी इससे लाभ मिलेगा।
स्थानीय लोगों में इस खबर को लेकर जबरदस्त उत्साह है। पर्यटकों का कहना है — “अब हमें केरल या कश्मीर जाने की जरूरत नहीं, छत्तीसगढ़ में ही वैसा अनुभव मिलेगा।” वहीं व्यापारियों और होटल संचालकों का मानना है कि इससे जिले में इको-टूरिज़्म और हेरिटेज टूरिज़्म को गति मिलेगी।
परियोजना के तहत शुरुआती चरण में हाउसबोट्स को शुरू किया जाएगा। इनके संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के पास होगी। आने वाले समय में कोरिया के साथ-साथ केनापारा जलाशय और हसदेव नदी तट पर भी इस मॉडल को लागू किया जाएगा।
कोरिया बनेगा नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन
कोरिया जिला अपनी घाटियों, जलप्रपातों, गुफाओं और जैव विविधता के लिए पहले से प्रसिद्ध है। अब हाउसबोट के जुड़ने से यह जिला छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि मध्य भारत के सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों में शामिल हो जाएगा।
“पानी पर तैरता यह नया सपना, कोरिया को देगा पहचान — प्रकृति, रोमांच और आधुनिकता का संगम।”



