रायपुर/मुंबई। छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसने “ऑनलाइन साड़ी बेचने” के नाम पर देशभर में करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया था। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गैंग इंस्टाग्राम और फेसबुक पेजों के ज़रिए सस्ती साड़ियाँ और महिलाओं के कपड़ों का विज्ञापन चलाता था, और फिर ग्राहकों से एडवांस पेमेंट लेकर गायब हो जाता था। अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। छत्तीसगढ़ पुलिस की साइबर टीम ने मुंबई से गिरोह के 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
कैसे चलता था “इंस्टाग्राम साड़ी स्कैम”?
पुलिस के मुताबिक गिरोह ने “Trendy Saree Collection”, “Indian Ethnic Look”, “Fashion Diva Hub” जैसे कई फर्जी इंस्टाग्राम पेज बनाए हुए थे। इन पेजों पर साड़ियों की आकर्षक तस्वीरें और “70% डिस्काउंट” के ऑफर डालकर महिलाओं को फंसाया जाता था। जैसे ही ग्राहक एडवांस पेमेंट करती थीं — Paytm, Google Pay या UPI से — खाता बंद कर दिया जाता था और पेज गायब हो जाता था। जांच में सामने आया है कि इस गैंग के पास 500 से ज्यादा फर्जी बैंक अकाउंट और मोबाइल सिम कार्ड थे, जिनके ज़रिए वे पूरे देशभर में ठगी करते थे।
पुलिस की हाई-टेक जांच
छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर सेल को कई महिलाओं ने शिकायतें दी थीं कि इंस्टाग्राम पर साड़ी ऑर्डर करने के बाद उन्हें न तो डिलीवरी मिली और न रिफंड। इन शिकायतों के आधार पर डिजिटल ट्रेल ट्रैकिंग शुरू की गई, जिसमें खातों के पैसे मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई के कुछ खातों में ट्रांसफर होते पाए गए। इसके बाद टीम ने मुंबई में दबिश देकर गिरोह के 8 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 3 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल हैं।
ठगी का पैटर्न – हर हफ्ते बनाते थे नया ब्रांड
गिरोह हर हफ्ते नए नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट बनाता था और एक “इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग ट्रिक” अपनाता था —
कुछ नकली फॉलोअर्स और लाइक खरीदकर पेज को असली ब्रांड जैसा दिखाया जाता था।
जैसे ही 1-2 हजार लोग पेज से जुड़ते, वे कैश ऑन डिलीवरी बंद है कहकर ऑनलाइन पेमेंट मांगते थे।
इस तरह धीरे-धीरे देशभर में लाखों लोगों को निशाना बनाकर 50 करोड़ रुपये हड़पे गए।
गिरफ्तार आरोपी और जब्त सामान
पुलिस ने छापेमारी में 150 मोबाइल फोन, 120 फर्जी सिम कार्ड, 35 बैंक पासबुक, 20 लैपटॉप और 5 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है, और पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या यह गैंग किसी बड़े अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
साइबर पुलिस की चेतावनी
छत्तीसगढ़ साइबर सेल ने जनता को चेतावनी दी है कि — “सोशल मीडिया पर किसी भी सस्ती डील या इंस्टाग्राम बुटीक से खरीदारी करने से पहले पेज की वैधता और संपर्क नंबर की जांच अवश्य करें।” अधिकारियों ने कहा कि ऐसे ऑनलाइन खरीदारी मामलों में एडवांस पेमेंट न करें, और किसी संदिग्ध लिंक या अकाउंट की जानकारी तुरंत cybercrime.gov.in पोर्टल पर दें।



