बैकुण्ठपुर के नगर पालिका अध्यक्ष, जो कि महिला सीट है, के पति द्वारा निर्माण कार्य की देखरेख की जा रही है। यह कहा जा सकता है कि वे अपने समाज के लिए काम कर रहे हैं। जहां पहले से नाली बनी हुई थी, वहां पुनः निर्माण कराया गया है, जो अपने ही समाज के हित के लिए किया जा रहा है। इसमें आरोप है कि निर्माण कार्य में भी पक्षपात किया जा रहा है।
जानकार सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्य में उपयोग होने वाले सीमेंट और रॉड स्वयं के दुकान से ही सप्लाई किए जा रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि नगर पालिका अध्यक्ष के पति खुद को बीजेपी के नेता के रूप में पेश करते हैं और अपने रिश्तेदारों, जैसे भतीजे, भाई एवं अन्य परिवार के लोगों को भी इसमें शामिल कर रहे हैं। साथ ही लोगों में चर्चा है कि, बैकुण्ठपुर में जितने भी निर्माण कार्य हो रहे हैं, उनमें कमीशन लिया जा रहा है, चाहे वह किसी भी पार्टी का हो, चाहे वह बीजेपी हो या कांग्रेस। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष बनने के बाद से ही जनता परेशान है, लेकिन किसी में भी उनके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं है।
वहीं वशिष्ठ टाइम्स कार्यालय के आगे पीछे नाली निर्माण को लेकर नगर पालिका को कहा गया परंतु नगर पालिका के इंजीनियर ने कहा कि, निर्माण आप खुद करवा लीजिए, खर्च का भुगतान हम करेंगे। आज छह महीने बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। इस संबंध को लेकर कोरिया कलेक्टर व नगर पालिका को कई बार पत्र लिखकर निवेदन किया गया, पर कोई भी किसी प्रकार का कार्यवाही नहीं किया गया। यह प्रशासन द्वारा नजर-अंदाज कैसा ? यहां तक कि संपादक के परिवार से द्वेष रखने वाले लोग भी हैं, जो किसी का भला नहीं चाहते। जबकि उस परिवार ने उनके लिए बहुत कुछ किया है, फिर भी उनके बारे में बुरा सोचते हैं।
नगर पालिका में बैठे लोगों के बारे में जानकार सूत्र बता रहे हैं कि यहां फर्जी बिल पास कराए जा रहे हैं। आरोप है कि नगर पालिका में पूर्व से लेकर अब तक करोड़ों रुपये का शोषण हो चुका है। वहीं कुछ लोग जो विधायक का टिकट मांग रहे हैं, वे बैकुण्ठपुर से रायपुर तक घूम-घूमकर लोगों से समर्थन मांग रहे हैं और धार्मिक भाषण देकर पैसे इकट्ठा कर रहे हैं। यहां तक कि, एक संत के नाम पर समिति बनाई गई है, जो कभी बैकुण्ठपुर नहीं आए हैं। अब लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे इस समिति का समर्थन करें। लोग कह रहे हैं कि जो व्यक्ति कभी किसी का भला नहीं कर सकता, वह दूसरों का भला कैसे कर सकता है ?
लोगों में चर्चा है कि, पार्टी के कुछ लोगों ने केवल अपना हित देखा और पार्टी का भला नहीं सोचा। इसका प्रमाण पूर्व के लोकसभा चुनाव में देखने को मिला, जिसका समाचार प्रकाशित भी किया गया था। पूर्व में प्रत्याशी के साथ जो खिलवाड़ किया गया था, वह समाज के लोगों ने देखा था। आज बीजेपी में ही एक दूसरे के खिलाफ पीठ पीछे बयानबाजी हो रही है। लोग कहते हैं कि जो व्यक्ति किसी का बुरा चाहता है, उसका कभी भला नहीं होता। विधायक बनने के लिए विचारों की आवश्यकता होती है, न कि चरण वंदना या फेसबुक की। यह समाचार आम जनता के विचारधाराओं द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।


