जिला मुख्यालय में धान खरीदी केंद्रों के लिए लोग अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। अभी भी खेत में धान खड़ा हुआ है और लोग पैदावार का अंदाजा लगाने में जुटे हुए हैं। इस बीच, मौसम को देखते हुए किसान चिंतित हैं कि उनका धान बारिश से बच पाएगा या नहीं ?
जानकार सूत्रों के अनुसार, धान खरीदने वाले दलाल, जो खुद को प्रबंधक कहते हैं, अभी से ही धान बिक्री उप पंजीयक पर दबाव बना रहे हैं। लोगों में चर्चा है कि धान खरीदी को लेकर कुछ लोग करोड़ों के आसामी बन चुके हैं। उन्हें भ्रष्टाचार का मौका मिल चुका है और वे उप पंजीयक को करोड़ों का लालच दे रहे हैं। अब देखना यह है कि, उपपंजीयक को कितना पैसा देना होगा।
लोगों में चर्चा है कि बैकुण्ठपुर के विधायक ने जामपारा सोसायटी से प्रबंधक और ऑपरेटर को हटाने की बात कही है। क्योंकि ये प्रबंधक और ऑपरेटर काफी प्रभावशाली हैं और वे अपने पैसे के बल पर किसी भी पार्टी को, चाहे वह कांग्रेस हो या बीजेपी, अपनी ओर मिला सकते हैं।
कुछ लोगों में चर्चा है कि, ऑपरेटर अपने पुराने स्थल पर जाने की बात कर रहा है, जहां सैकड़ों क्विंटल धान के अवैध तरीके से गबन करने की भी चर्चा है। अब सवाल यह उठता है कि, क्या कोरिया प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा या किसी के दबाव में यथास्थिति बनाए रखेगा ? यह समाचार मिली जानकारी के अनुसार प्रकाशित किया जा रहा है।


