जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर में बाईसागर तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि 47-48 के रिकार्ड में लिखा हुआ है कि, यह तालाब जानवरों के पानी पीने, नहाने, निस्तार व सामाजिक कार्यक्रम के लिए दर्ज है। परंतु 47-48 के रिकाॅर्ड में निस्तार व तालाब की भूमि अंकित होने के बावजूद लगभग 16-17 लोगों ने नियम विरुद्ध तरीके से अम्बिकापुर में रजिस्ट्री करा ली है। इस संबंध में सैकड़ों बार प्रशासन को शिकायत करने के बावजूद भी बैकुण्ठपुर प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है।

वहीं पूर्व में बैकुण्ठपुर के बाईसागर तालाब पर सागौन के हरे-भरे पेड़ थे जिससे काट दिया गया और तालाब में मछली पालन के लिए उपयुक्त वातावरण था, लेकिन भू-माफियाओं ने तालाब का पानी निकालकर तालाब को भाट कर उस पर मकान निर्माण करके राष्ट्रीय स्तर के बैंको को भाड़े पर दे दिया गया है। इसकी जानकारी श्रीमान् मुख्य न्यायाधीश बिलासपुर, श्रीमान् जनरल रजिस्टार उच्च न्यायालय बिलासपुर और मुख्य सचिव राजस्व विभाग को भी जनसूचना के माध्यम से अवगत कराया गया है। अब यह देखना है कि, कार्यवाही किस स्तर पर होती है ?


