जिला सूरजपुर के ब्लॉक ओड़गी में पंचायत बइवार, छतरंग और घुईडीह यह तीन पंचायतों का कार्यभार एक ही सचिव सम्भाले हुए है। जानकार सूत्र बताते है कि सचिव पंचायतों में सीमेंट और सरिया का व्यवसाय भी कर रहा हैं। इससे ग्राम पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और ग्रामीण परेशान हैं। सचिव अपने व्यवसाय पर ज्यादा ध्यान दे रहा है जिससे पंचायतों के सचिवालय में ताला लगा रहता है, और ग्रामीणों को अपने कामों के लिए परेशानी होती है।
लोगों में चर्चाऐं है कि, भाजपा सरकार बनने के बाद से सचिव अपने-अपने पंचायतों को पैतृक समझकर कब्जा किए हुए हैं। वहीं ग्रामवासियों ने जिला पंचायत में लिखित रूप से भी शिकायत की है, लेकिन सचिव का इतना दबाव है कि ग्रामवासी उसके खिलाफ बोलने को तैयार नहीं हैं। क्योंकि सचिव ने जिला पंचायत की जांच टीम के आने पर ग्रामवासियों को धमकी दी कि, ‘‘अगर उन्होंने कुछ भी बोला तो उनका सब काम कर दूंगा।’’ ग्रामवासी सचिव के दबाव में भयभीत हैं और उसके खिलाफ बोलने से डरते हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि सचिव का दबाव पैसे का है या किसी मंत्री का ? लेकिन इतना तय है कि सचिव का प्रभाव बहुत अधिक है। क्या शिकायतकर्ताओं ने लिखित रूप से शिकायत किया है, तो वह गलत है ?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सचिव के पास परि सूरजपुर में दो मंजिला आलीशान मकान है, जो जांच का विषय है कि यह पैसा आया कहां से ? और पंचायत से पैसा किस रूप में निकाला गया होगा, इसकी जांच भी होनी चाहिए।

इस संबंध में वशिष्ठ टाइम्स की टीम ने भी मौके पर जायजा लिया और पाया कि तीनों पंचायतों में ताला लगा था।



