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छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास विभाग में घोटालों का सिलसिला, एक जग की कीमत 32,000 रुपये…………

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छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जिलों में आश्रमों और छात्रावासों के नाम पर करोड़ों रुपये की सामग्री खरीद घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में कांग्रेस ने सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। आदिवासी विकास विभाग ने अपने खंडन में कहा है कि स्टील जग की खरीदी नहीं की गई थी और यह प्रस्ताव फरवरी 2025 में निरस्त कर दिया गया था। सहायक आयुक्त सूरजदास मानिकपुरी ने बताया कि तत्कालीन सहायक आयुक्त संजय कुर्रे द्वारा 160 स्टील जग की खरीदी का प्रस्ताव जेम पोर्टल के माध्यम से दिया गया था, लेकिन कीमत अधिक होने के कारण इस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया था।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि आदिवासी बच्चों के पैसे की बर्बादी हो रही है और यह भ्रष्टाचार की चरम सीमा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और आदिवासी छात्रों के पैसे को भी नहीं छोड़ा गया है।

बता दें कि, आदिवासी छात्रावासों के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से 51 लाख रुपये में 160 स्टील जग खरीदने का मामला सामने आया है। एक स्टील जग की कीमत 32,000 रुपये रखी गई है, जिसे कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया है। वहीं आदिवासी विकास विभाग ने इस मामले में कोई धनराशि का लेन-देन नहीं होने की बात कही है ।

वहीं आदिवासी विकास विभाग में नेता, अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। इस मामले बहुत से बातें सामने आई हैं। जैसे 1. कागजों पर खरीददारी – बड़ी मात्रा में ऐसी वस्तुओं की खरीददारी कागजों पर दर्शाई गई, जो वास्तव में सप्लाई ही नहीं की गईं। 2. घटिया गुणवत्ता की सामग्री – कई जगहों पर बेहद घटिया गुणवत्ता की सामग्री भारी कीमतों पर खरीदी गई। 3. नेता, अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत – इस पूरे फर्जीवाड़े में नेता, अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।

टीएस सिंहदेव की प्रतिक्रिया

पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने आदिवासी विकास विभाग में घोटाले के खुलासे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों के नाम पर इस प्रकार का फर्जीवाड़ा न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि यह समाज और शासन व्यवस्था में जनता के भरोसे को भी चोट पहुंचाता है। सिंहदेव ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पब्लिक के पैसे का इस तरह दुरुपयोग होना निंदनीय है और शासन को तत्काल इस दिशा में कदम उठाने चाहिए। सिंहदेव के बयान से यह साफ होता है कि वह सरकार से इस मामले में कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं। अब देखना यह है कि सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और दोषियों को सजा दिलाने के लिए क्या कदम उठाती है।

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