रायगढ़ के बाबा श्याम मंदिर में बीती रात अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर लाखों रुपए की चोरी को अंजाम दिया। इससे शहर में सनसनी फैल गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोर बाबा श्याम की सोने की बनी श्रृंगार सामग्री, दानपेटी में जमा नकद और मंदिर की अन्य कीमती वस्तुएं लेकर फरार हो गए हैं। चोरी की यह वारदात पूरी तरह योजनाबद्ध और सुनियोजित प्रतीत हो रही है, जिससे लगता है कि चोरों ने मंदिर की रेकी की थी और पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई चोरी की घटना
चोरी की पूरी घटना मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है जिससे पुलिस को जांच में मदद मिल रही है। वीडियो फुटेज में साफ दिखाई देता है कि चोर देर रात मंदिर में घुसते हैं ताले तोड़ते हैं और पूरी सावधानी से सामान समेट कर फरार हो जाते हैं। पुलिस ने फुटेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। इससे उम्मीद है कि जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा। पुलिस का दावा है कि वह जल्द ही इस वारदात का खुलासा कर देगी और चोरों को सलाखों के पीछे भेजेगी।
डॉग स्क्वाड के साथ पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही सिटी कोतवाली थाना की टीम डॉग स्क्वाड के साथ मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और संदिग्धों से पूछताछ भी तेज़ कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पता चलता है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों को लेकर सुरक्षा इंतज़ाम नाकाफी हैं और प्रशासन को तुरंत कदम उठाने चाहिए। अब प्रशासन पर दबाव है कि वह धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम अपनाए।
आस्था के ठिकाने सुरक्षित क्यों नहीं ?
बाबा श्याम जैसे लोकआस्था के मंदिर को चोरों ने निशाना बनाया, यह सिर्फ़ एक चोरी नहीं – बल्कि श्रद्धा पर हमला है। इससे पता चलता है कि इस घटना ने न केवल मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई है। शहरवासी मांग कर रहे हैं कि मंदिरों में रात्रिकालीन गार्ड की व्यवस्था हो, सीसीटीवी नेटवर्क को जोड़ा जाए थाने से, और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई हो। अब प्रशासन को मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करने की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।



