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जशपुरनगर/CG : जिला पंचायत में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का हुआ आयोजन…………..

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सर्पदंश के संबंध में सभी पीएचसी में तैयारी रखते हुए लोगों को जागरूक करने दिए निर्देश

जशपुरनगर :  जिले में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा हेतु जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने जिले में संचालित सभी एम्बुलेंसों की स्थिति एवं संचालन पर  समीक्षा करते हुए सभी 15 वर्ष से पुरानी गाड़ियों को सेवा से हटाकर नीलाम करने एवं सभी एम्बुलेंस संचालकों की जानकारी सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने मनोरा एवं पंडरापाठ विकास खंडों में पहुँच विहीन क्षेत्रों के लिए बाइक एम्बुलेंस को क्रियाशील कर संचालित करने के निर्देश दिए।
वर्षा ऋतु के दौरान मौसमी बीमारियों के सम्भावित फैलाव को देखते हुए सभी मितानिनों के पास दवाइयों की पर्याप्त मात्रा में आकस्मिक उपचार हेतु भण्डारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आईआईटी बॉम्बे द्वारा संचालित पोषण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए साप्ताहिक समीक्षा करते हुए मैदानी सर्वे के द्वारा योजना की प्रगति की समीक्षा करने को कहा। जिले में स्वास्थ्य केंद्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्थित विद्युत कनेक्शन एवं ऑपरेशन थिएटरों में वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों द्वारा जेनेरिक दवाइयां देने के निर्देश दिए एवं इसकी नियमित जांच के लिए अधिकारियों को आकस्मिक निरीक्षण कर लिखी जा रही दवाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। सभी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए एनक्वास सर्टिफ़िकेशन की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी केंद्रों को सर्टिफिकेशन के लिए मानकों के अनुसार तैयारी करने के निर्देश दिए।
सर्पदंश के मामलों पर चर्चा करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में आपात स्थितियों के लिए सभी तैयारी रखने तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार हेतु उपलब्ध व्यवस्थाओं के संबंध में लोगों को जागरूक करने को कहा। राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मितानिनों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा लोगों को प्रोत्साहित कर स्वास्थ्य केंद्रों तक लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने मातृ शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गर्भवती माताओं को गर्भाधान की शुरुआत से ही एएनसी पंजीकरण कराकर उनकी नियमित देखभाल करने को कहा। उन्होंने जिले में संस्थागत प्रसव की प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रवार समीक्षा करते हुए जिस भी केंद्रों में 03 महीने में एक भी डिलीवरी नहीं हुई है उन केंद्रों के आरएचओ एवं सीएचओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने रात्रिकालीन प्रसव सुविधाओं पर भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निजी अस्पतालों में हुए प्रसवों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव संबंधित सभी सुविधाएं सुनिश्चित करें ताकि ग्रामीणों को निजी अस्पतालों के महंगे इलाज के लिए घर से मीलों दूर का सफर ना तय करना पड़े।
पोस्टमार्टम एवं दुष्कर्म के मामलों में शासन के नियमानुसार 07 दिनों के अंदर चिकित्सकीय रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने पत्थलगांव में भी सीटी स्कैन मशीन स्थापना के लिए शासन को मांग प्रेषित करने की कहा। स्वास्थ्य कार्यक्रम में धीमी प्रगति पर फरसाबहार बीएमओ में नोटिस जारी करने को कहा। जिले के समस्त एनआरसी में कुपोषित बच्चों को दाखिल कराकर उनके सम्पूर्ण स्वास्थ्य पर ध्यान रखने के लिए चिकित्सकों को माता पिता से काउंसलिंग कर के उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित एनीमिया मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, चिरायु कार्यक्रम, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय बहरापन कार्यक्रम, टेलीकंसल्टेशन, आयुष्मान कार्ड निर्माण, हाट बाजार क्लिनिक योजना, फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, जनऔषधि केंद्र संचालन आदि पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक, डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जी एस जात्रा, डीपीएम राजीव रंजन सहित सभी बीएमओ, बीपीएम सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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