नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर के नेता प्रतिपक्ष अन्नपूर्णा प्रभाकर सिंह ने कहा कि यह ज्ञापन नहीं, बल्कि बैकुंठपुर की पीड़ा का दस्तावेज़ है। यह उस जनता की आवाज़ है जो गुहार लगाते-लगाते थक गई है और हिम्मत हार चुकी है। उन्होंने कहा कि बैकुंठपुर की कॉलोनियों और मोहल्लों में नालियों की बदबू से लोग परेशान हैं। नालियों से उठने वाले बदबूदार अपशिष्ट पदार्थ और मच्छरों के काटने से कई प्रकार की बीमारियाँ फैल रही हैं। लोगों का स्वास्थ्य खतरे में है और लोग बिजली के खंभों पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट की समस्या से परेशान हैं। यह सवाल प्रशासन के लिए है जो अपने वातानुकूलित कार्यालयों में बैठकर फाइलें तो खिसकाता है, लेकिन जमीन की धूल और जनता की समस्याओं को नहीं देखता। सबसे बड़ी चिंता की बात जहां ज़रूरत है, वहां काम नहीं हो रहा और जहां ज़रूरत नहीं, वहां करोड़ों खर्च कर खानापूर्ति क्यों ?
नेता प्रतिपक्ष अन्नपूर्णा प्रभाकर सिंह ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि, विकास कार्य सिर्फ रसूखदारों की सिफारिशों पर ही न हो, बल्कि आम आदमी की जरूरतों को भी प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि, क्या आम आदमी की जरूरतें सिर्फ चुनावी भाषणों का हिस्सा बनकर रह जाएंगी ? साथ ही नगर पालिका प्रशासन पार्षदों की मांगों और बातों पर अनदेखा करता है, जो कि जनहित के मुद्दों को नजरअंदाज करने जैसा है। उन्होंने कहा कि, पार्षद जनता के प्रतिनिधि होते हैं और उनकी बातों को सुना जाना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने शासन और प्रशासन को 16 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने जमीनी समस्याओं को हल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हर मांग में जनजीवन का संघर्ष छिपा है। जहां जनता की समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और उन्हें इस जिम्मेदारी को निभाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि, अब चुप्पी नहीं, बल्कि जनसुनवाई और कार्रवाई की बारी है।
16 सूत्रीय ज्ञापन
1. गेज बांध में पंप हाउस की स्थापना – नालियों के गंदे पानी को फिल्टर कर सप्लाई किया जा रहा है। यदि पंप हाउस सीधे गेज बांध में लगे तो हर घर को स्वच्छ जल मिलेगा।
2. बस स्टैंड में बड़ा RO वॉटर कूलर – जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में प्रत्येक दिन हजारों यात्री आते-जाते हैं। पर्याप्त साफ पानी की व्यवस्था नहीं, जिससे यात्रियों को दिक्कत होती है। बंद पानी खरीद कर पीना पड़ता है।
3. प्रेमाबाग मंदिर परिसर में बोर और पानी टंकी – यहां धरना-प्रदर्शन और धार्मिक आयोजन होते हैं, लेकिन स्वच्छ पीने योग पीने का पानी तक नहीं है।
4. बाबू कॉलोनी में नाली व ढक्कन निर्माण – सर्व आदिवासी भवन नाली के ऊपर बना दिया गया नाली टूट गई। अब बरसात में घरों तक गंदा पानी जा रहा । कई बार लिखित आवेदन दिया गया है पर समस्या जस की तस कॉलोनी निवासी परेशान हो रहे हैं।
5. डबल स्टोरी कॉलोनी व गुरुद्वारा क्षेत्र में नाली पर ढक्कन खुले नालों से गंदगी और हादसों की आशंका बनी रहती है।
6. दिनेश पटवा मकान से गौरवपथ तक सीसी रोड/नाली।
7. गौरवपथ रोड (वार्ड 16/18) की स्ट्रीट लाइट मरम्मत – इस रोड में जिला अस्पताल थाना पोस्ट ऑफिस पुलिस लाइन डॉक्टर्स कॉलोनी और अस्पताल स्थित है जिसके कई खंभा के लाइट कई महीनो से बंद है अंधेरे से असुरक्षा और घटनाएं हो सकती हैं।
8. प्रेमाबाग क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर – तेज रफ्तार से हादसों की आशंका है, खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
9. नया बस स्टैंड दुकानों और प्रतीक्षालय की छत मरम्मत – दूर दराज से बसों का इंतजार करते बैठे हुए यात्रियों पर एवं दुकान में कार्य कर रहे लोगों पर छतें इतनी जर्जर हैं कि कभी भी गिर सकती हैं। जान का खतरा बना हुआ है।
10. प्रेमाबाग वार्ड में संचालित मुर्गी हेचरी को हटाया जाए – हेचरी से दुर्गंध और संक्रमण का खतरा लोगों की सेहत पर भारी पड़ता है।
11. प्रेमाबाग में सामुदायिक भवन का निर्माण – कोई स्थान नहीं है जहाँ सामाजिक आयोजन हो सकें। एक बहुउद्देश्यीय भवन की आवश्यकता है।
12. बंग समाज भवन के पास सीसी रोड निर्माण।
13. राधाकृष्ण मंदिर में बाउंड्री वॉल निर्माण।
14. मां दुर्गा मंदिर में ज्योति कलश कक्ष निर्माण – नवरात्रि में श्रद्धालुओं को जगह नहीं मिलती। स्थायी कक्ष जरूरी है।
15. गेज नदी में गिरने वाले नालों के पहले ट्रीटमेंटप्लांट लगाया जाए – पूरे शहर की गंदगी जीवनदायनी गेज नदी में बिना फिल्टर गिराई जा रही है। पर्यावरण व स्वास्थ्य दोनों संकट में हैं
16. पार्षदों द्वारा बताए गए अपने वार्ड की समस्याओं का कार्य योजना भी बनती है तो धरातल पर क्यों नहीं दिखता ? क्यों कार्य योजना की फाइल पास नहीं होती ? वार्डों में कार्य नहीं होता. ये ज्ञापन सिर्फ मांगों का पुलिंदा नहीं, दर्द, उपेक्षा और आशा की कहानी है। अगर इन मांगों पर फिर भी आंखें मूंदी गईं तो बैकुंठपुर की जनता अब चुप नहीं बैठेगी। अब बहाने नहीं चलेंगे – जवाब चाहिए, और जवाब सिर्फ काम से ही मान्य होगा।



