जिला मुख्यालय सूरजपुर ब्लाॅक रामानुजनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पूर्व विकासखंड स्वास्थ्य अधिकारी पर हेरा-फेरी का मामला सामने आया है। जानकार सूत्र बताते है कि, पूर्व विकासखंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विश्वकर्मा के कार्यकाल में शासकीय पैसे का दुरुपयोग और दबाव में दोहन किया गया हैं। लोगों का आरोप है कि, स्वास्थ्य अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करके शासकीय पैसे का उपयोग अपने निजी हितों के लिए किया है। जिसमें बताया जा रहा है कि, स्वास्थ्य अधिकारी ने लोकल नयी पीढ़ी के पत्रकारों को अपनी अच्छी छवि को दिखाने के लिए पैसे दिये है एवं क्रिकेट खेलने के लिए भी लगभग 50-50 हजार रुपये दिए हैं। इससे लगता है कि, स्वास्थ्य अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करके शासकीय पैसे का उपयोग अपने निजी हितों के लिए किया है।
रामानुजनगर की जनता ने उठाए सवाल
रामानुजनगर की जनता ने पूर्व विकासखंड स्वास्थ्य अधिकारी से सवाल पूछे हैं कि, क्रिकेट खेलने के लिए दिया गया पैसा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दिया गया है या पूर्व अधिकारी द्वारा दिया गया है ? अगर दिया गया है तो किस फंड से दिया गया है और किसके आदेश पर दिया गया है ? वहीं रामानुजनगर की जनता का आरोप है कि, पूर्व विकासखंड स्वास्थ्य अधिकारी ने फर्जी बिल लगा-लगाकर पैसा निकाला है। पैसा डॉण् के जेब में और बिल दूसरे के नाम से निकाला गया है। इससे लगता है कि, पूर्व अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करके शासकीय पैसे का उपयोग अपने निजी हितों के लिए किया है। यही नहीं पूर्व विकासखंड स्वास्थ्य अधिकारी अपनी प्राइवेट प्रैक्टिस को ध्यान में रखते हुए शासकीय नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। और उनका देखा जाए तो करोड़ों का हेरा-फेरी बताया जाता है।
रामानुजनगर जनता की मांग है कि, पूर्व विकासखंड स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए और शासकीय पैसे का दुरुपयोग करने वालों को सजा दी जाए। इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और शासकीय विभागों में पारदर्शिता बढ़ेगी।



