जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर में नशे की समस्या एक बड़ी चुनौती बन गई है, जिसमें लोग शराब, भांग और राजनीतिक नशे के शिकार हो रहे हैं। कुछ लोगों में चर्चा है कि, मुख्यालय बैकुण्ठपुर में अवैध नोट छापने का एक बड़ा साम्राज्य चल रहा है। हाल ही में नगर पंचायत और ग्राम पंचायतों के चुनाव में एक समुदाय के लोगों ने बड़े पैमाने पर पैसा खर्च किया, जिससे लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। बताया जा रहा है कि, चुनाव में पैसा खर्च करने के लिए नेताओं ने अपनी जमीन, घर और राइस मिल जैसे संपत्तियों को गिरवी रख दिया। यहां तक कि, पुलिस पर भी राजनीतिक दबाव है, जिससे इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे यह प्रतीत होता है कि, इस मामले में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है।
पंचायत चुनाव में लाखों रुपये का कर्ज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजनीति में उभरने के लिए लोगों ने एक पंचायत के चुनाव में लाखों रुपये का कर्ज लिया। इससे यह सवाल उठता है कि, आखिर इतना पैसा आया कहां से और इसका उद्देश्य क्या है ? वहीं एक समुदाय के लोगों ने बैकुण्ठपुर में जमीन खरीदकर महल जैसी मकान बनवाए हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि, उनके पास काफी पैसा है और वे अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि, ये लोग शोषण और दबाने की नीति अपना रहे हैं। वे अन्य समाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं और अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। ऐसे में बैकुण्ठपुर के लिए यह बढ़ता समाज एक विस्फोटक साबित हो सकता है। इससे समाज में तनाव और हिंसा की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। क्या बैकुण्ठपुर का गोपनीय विभाग भी इससे अछूता नहीं है ? इससे यह सवाल उठता है कि, क्या गोपनीय विभाग को इसकी जानकारी है और वे इस पर कोई कार्रवाई कर रहे हैं या नहीं ?
बैकुण्ठपुर में अवैध गतिविधियों की जांच की मांग
मिली जानकारी के अनुसार, कुछ लोग जो पहले खाने के लिए तरसते थे, अब करोड़ों रुपये के महल बनाकर अपने समाज को ढक रहे हैं। इन लोगों के बीच रिश्तेदारी होने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं लोगों ने बैकुण्ठपुर प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लोगों की जांच की जाए जो ब्याज का धंधा, शराब, जुआ और नशीले पदार्थों का व्यवसाय कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि, ब्याज वाले हर चैक-चौराहे पर पाए जा सकते हैं और प्रशासन इन पर अंकुश नहीं लगा रहा है। लोगों का मानना है कि इन अवैध गतिविधियों के कारण समाज में तनाव और अपराध बढ़ रहा है। इसलिए, प्रशासन को इनकी जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। प्रशासन को चाहिए कि वह इन आरोपों की जांच करे और सुनिश्चित करे कि कानून का उल्लंघन करने वालों को सजा मिले। इससे समाज में शांति और सौहार्द बना रहेगा।


