कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर में विधायक और सांसद पर दोहन का आरोप लगाया गया है, जिससे जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। जानकार सूत्र बताते है कि, पूर्व विधायक पर आरोप है कि, उन्होंने अपने पांच साल के कार्यकाल में जनता का दोहन किया और क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया। सड़क चौड़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को भी पूरा नहीं किया जा सका। वहीं पूर्व विधायक के कार्यकाल में उनके चमचों का हौसला बुलंद रहा, जिन्होंने अपने स्वार्थ के लिए विधायक का इस्तेमाल किया। और कुछ होटल मालिकों और अन्य व्यवसायियों ने भी इसका फायदा उठाया और मालामाल हो गए। हालांकि, पूर्व विधायक अपने कार्यकाल के बाद राजनीतिक मैदान में अपनी जगह नहीं बना पाए। इसका फायदा उठाकर उनके चमचों ने उन्हें गुमराह किया, जिससे उन्हें हार का सामना करना पड़ा। जनता को अपने जनप्रतिनिधियों से विकास और समस्या समाधान की उम्मीद होती है, लेकिन जब वे अपने पद का दुरुपयोग करते हैं और जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरते हैं, तो इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैकुण्ठपुर में विधानसभा चुनाव 2023 में माननीय भईयालाल जी की जीत हुई, लेकिन आरोप है कि, उनके कार्यकाल में क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया है। चुनाव से पहले उन्होंने सड़क चौड़ीकरण और क्षेत्र के विकास के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन 16 महीने बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ है। वहीं पूर्व में खेल मंत्री रहे भईयालाल जी के एक चमचे पर दलाली और वसूली के आरोप हैं। जानकार सूत्रों के मुताबिक, यह चमचा आज करोड़ों का मालिक बन गया है और रायपुर में करोड़ों का 6 मंजिला बिल्डिंग बनवा रहा है। बताया जा रहा है कि, बैकुण्ठपुर में कुछ नेता और अधिकारी चापलूसी और स्वार्थ की राजनीति में लिप्त हैं। यही नहीं वे अपने स्वार्थ के लिए नेताओं और अधिकारियों की चमचागिरी कर रहे हैं और क्षेत्र के विकास की अनदेखी कर रहे हैं। लोगों में चर्चा है कि, अब आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बैकुण्ठपुर के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या क्षेत्र के विकास के लिए कुछ किया जाएगा या फिर स्वार्थ और भ्रष्टाचार की राजनीति जारी रहेगी ? यह देखना होगा कि आगामी चुनाव में बैकुण्ठपुर की जनता किसके हाथों में अपना भविष्य सौंपती है। बैकुण्ठपुर में भ्रष्टाचार की व्यापकता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि, अधिकांश नेता और अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और केवल दो प्रतिशत लोग ही दाग से अछूते हैं। ऐसे में लोगबाग का कहना है कि, जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए काम करना चाहिए। लेकिन जब वे अपने पद का दुरुपयोग करते हैं और भ्रष्टाचार में शामिल होते हैं, तो यह जनता के विश्वास को तोड़ता है और क्षेत्र के विकास को प्रभावित करता है। जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र के लोगों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। यह समाचार आम जनता के विचारधाराओं द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।


