उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे भाजपा शासित राज्यों में अपराधियों के अवैध निर्माणों पर होने वाली बुलडोजर कार्रवाई हमेशा से सियासी गलियारों में चर्चा का विषय रही है। विपक्षी दल अक्सर आरोप लगाते रहे हैं कि भगवा दल की सरकारें इस ऐक्शन के जरिए एक विशेष समुदाय को निशाना बनाती हैं।
मुसलमानों का आंकड़ा महज 10 फीसदी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारों की इस नीति से मुसलमानों से कहीं ज्यादा हिंदुओं के आशियाने उजड़ रहे हैं।
आपको बता दें कि हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान भाजपा की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए संजय सिंह ने कहा कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग ‘एनकाउंटर करा देंगे’ और ‘उड़ा देंगे’ जैसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं। बुलडोजर ऐक्शन पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा है,

संजय सिंह ने अपने दावों को पुख्ता करने के लिए काशी (वाराणसी) और अयोध्या का उदाहरण दिया। उन्होंने देश के हिंदुओं से अपील करते हुए कहा कि अगर वे बुलडोजर के वास्तविक प्रकोप को देखना चाहते हैं, तो उन्हें काशी और अयोध्या का ‘बुलडोजर प्रकोप टूर’ करना चाहिए। इतना ही नहीं सासंद ने ये भी कहा कि ‘काशी और अयोध्या में विकास के नाम पर हजारों हिंदुओं के घर और सैकड़ों प्राचीन मंदिर जमींदोज कर दिए गए।
जब आप मुसलमानों को ठीक करने का दावा करते हैं, तो जमीन पर हिंदुओं के घर क्यों तोड़े जा रहे हैं,सांसद Sanjay Singh ने केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश में एक ऐसी ‘ED पार्टी’ काम कर रही है, जिसका पूरा राजनीतिक अस्तित्व ईडी पर टिका हुआ है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी ईडी का इस्तेमाल कर देश के लोकतंत्र, राजनीतिक दलों और विपक्षी नेताओं पर कब्जा करना चाहती है।

