छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां तेज रफ्तार कार ने 6 साल की मासूम बच्ची शिवांगी पटेल को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार सवार बुजुर्ग दंपति देवेंद्र प्रसाद वर्मा और उनकी पत्नी रीना वर्मा ने इलाज के बहाने बच्ची को अपने साथ ले गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलौदा थाना क्षेत्र से 20 घंटे से लापता छह साल की मासूम बच्ची का शव कोरबा जिले में एक कार से बरामद हुआ। बच्ची को कार से ठोकर मारने के बाद बुजुर्ग दंपती बिना किसी को बताए इलाज कराने के लिए उसे कोरबा ले गए थे। जहां बच्ची की मौत हो गई तो डरा-सहमा बुजुर्ग बच्ची के शव को कार में ही लेकर घूमते रहे। शुक्रवार को कोरबा से जांजगीर-चांपा जिले की पुलिस ने बरामद किया। मामले में आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ अपहरण व एक्सीडेंट का मामला दर्ज कर लिया है।
एसपी विजय पांडेय ने बताया कि, बिलासपुर जिले के गांव कसौंदी की रहने वाली शिवांगी उर्फ पलक पटेल (6 वर्ष) अपने नाना के यहां बलौदा थाना क्षेत्र की ग्राम बछौद आई थी। 12 जून की शाम सड़क पार के दौरान कार ने टक्कर मार दीए इससे उसे गंभीर चोटे आई। कार चालक बकायदा रुका और इलाज के लिए बिना परिजनों को बताए ले गया। इधर शिवांगी जब घर वालों को नहीं मिली तो उन्होंने आसपास लोगों से पूछताछ की तब पता चला कि बच्ची को किसी कार ने टक्कर मार दी थी और वहीं लोग ले गए हैं। परिजनों ने थाना बलौदा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जांच के बाद आरोपी देवन्द्र प्रसाद वर्मा (72) व उसकी पत्नी रीना वर्मा 70 के खिलाफ एक्सीडेंट व अपहरण का मामला दर्ज कर आगे जांच की जा रही है।



