जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर में एक महत्वपूर्ण मामले में एसडीएम की एक पक्षीय कार्यवाही के खिलाफ आवेदक ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
मिली जानकारी के अनुसार, एसडीएम द्वारा आम जनता के साथ भेदभाव और राजनीतिक दबाव का खेल-खेला जा रहा है। इस संबंध में कई बार कलेक्टर महोदया जी को भी अवगत कराया जा चुका है। परंतु ऐसा लगता है कि, सुशासन तिहार को भी कोरिया प्रशासन ने मजाक में बदल दिया है।
जानकार सूत्र बताते है कि, आवेदक ने नगर पालिका को निस्तार और नाली की शिकायत दी थी, बताया जा रहा है कि, नगर पालिका ने फर्जी ढंग से और घटिया किस्म की नालियां बनाई हैं। क्योंकि ये नालियां एक बरसात भी नहीं झेल पाएंगी। ऐसा लगता है कि, नगर पालिका के सीएमओ और अध्यक्ष केवल पैसा निकालने में रुचि रखते हैं, क्योंकि उन्हें भी अपनी पोस्टिंग के लिए पैसा देना पड़ा है। जानकार सूत्र बताते है कि, सचिवालय में सीएमओ ने लगभग 5-6 लाख रूपये दिया है। यह जांच का विषय है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिका के पार्षद नवनिर्माण में पैसे निकालने में माहिर हो गए हैं। आज भी एक-एक पार्षद पांच-पांच करोड़ रुपये का मालिक बन गया है। निर्माण संबंधी शिकायत करने के बावजूद इंजीनियर, सीएमओ और अध्यक्ष द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं कुछ लोगों में कहना है कि, चुनाव के समय ये पार्षद वोट मांगने के लिए आम जनता को मोहित करेंगे।
बता दें कि, कोरिया कलेक्टर को बार-बार एसडीएम की शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। और हाई कोर्ट के माननीय उच्च न्यायाधीश ने एसडीएम को आवेदन पर सुनवाई करने और कार्रवाई करने का निर्देश दिया था, लेकिन एसडीएम ने अभी तक उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया है। अब आवेदक फिर से उच्च न्यायालय की शरण में जाने की तैयारी कर रहा है। लोगों का कहना है कि, अब यह भी देखना रह गया था कि, माननीय उच्च न्यायाधीश के आदेशों का भी धज्जियां उठाई जायेगी। अब देखना यह है कि, एसडीएम व कलेक्टर द्वारा क्या निर्णय सुनाया जायेगा ?


