महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा, स्वरोजगार योजना में 33% आरक्षण महिलाओं के लिए
एमसीबी : मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने एक और अहम पहल की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुसूचित जाति अंत्योदय स्वरोजगार योजना एवं आदिवासी स्वरोजगार योजना के अंतर्गत कुल 73 इकाइयों को बैंक ऋण से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। इनमें 50 इकाइयां अनुसूचित जाति तथा 23 इकाइयाँ अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों के लिए निर्धारित की गई हैं। समिति ने जानकारी दी कि पात्र हितग्राहियों से ऋण प्रकरण हेतु आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। यह योजना भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत पात्रता के लिए आवेदक की वार्षिक आय अधिकतम ₹1,50,000/- निर्धारित की गई है। आवेदन केवल कार्यालयीन कार्य दिवसों में ही स्वीकार किए जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के विविध क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जैसे स्वयं सहायता समूह, लघु एवं कुटीर उद्योग, कपड़ा एवं सिलाई-कढ़ाई कार्य, दुकान संचालन, पशुपालन, टेंट हाउस, कम्प्यूटर सेंटर, मोबाइल रिपेयरिंग और रेस्टोरेंट संचालन इत्यादि। जिला प्रशासन ने इस योजना में महिला सशक्तिकरण को भी प्रमुखता दी है। कुल लक्ष्यों में से 33 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। इसके अतिरिक्त, 10 प्रतिशत लक्ष्य लघु एवं कुटीर उद्योगों तथा 10 प्रतिशत लक्ष्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया जाएगा। अंत्यावसायी समिति ने स्पष्ट किया है कि आवेदनकर्ता का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है, साथ ही उसे अपने प्रस्तावित व्यवसाय की स्पष्ट योजना भी प्रस्तुत करनी होगी। समिति ने इच्छुक पात्र व्यक्तियों से अपील की है कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करें ताकि वे इस योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा सकें।



