जिला मुख्यालय कोरिया में सुशासन का बोल-बाला जोरो पर चल रहा है। जानकार सूत्र बताते है कि, यहां सुशासन के नाम पर केवल कागजों में फार्मेल्टी चल रहा है। बताया जाता है कि, जितने भी कोरिया जिले में कलेक्टर आये। वह सभी अपने-अपने विचारधारा से काम करते नजर आये। जैसे- बैकुण्ठपुर मुख्यालय में पैसे के बल पर अनियमितता, 1947-48 के रिकाॅर्ड बाईसागर तालाब को आम जनता को प्रशासन द्वारा भटकाना और रिकाॅर्ड के अनुसार बाईसागर तालाब जानवरों के पानी पीने, कपड़ा धोने व सार्वजनिक निस्तार के लिए है। यह सभी विलोपित कर देना इत्यादि। वहीं पूर्व के कलेक्टर महोदय द्वारा अनियमितता को देखते हुए, सुप्रिम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर तालाब को नजूल कैसे घोषित कर दिया गया ? जानकार सूत्र बताते है कि, उसके पश्चात भू-माफियों को पैसे के बल पर तालाब बेचने का अधिकार अपने स्तर से दिया गया। जिसमें भू-माफिया द्वारा लगभग 70 करोड़ कृषि विभाग से दो संभाग से पैसा का शोषण किया गया। तथा पैसे के बल पर तालाब को राजस्व विभाग एवं नगर निवेश ने डायवर्सन के लिए अनुमति कैसे दे दी गई ? सोचने वाली बात है कि, तालाब में लगभग 6 मंजिल मकान बनाने को किस आधार पर अनुमति दिया गया ? लोगों में तरह-तरह की चर्चाऐं है कि, भारत सरकार का ईडी कहां विलुप्त हो गया है ? जो कि घोटालेबाज दिनों-दिन फल-फूल रहे है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इसी प्रकार दूसरे कलेक्टर महोदया आये और उन्होंने ग्राम कंचनपुर की आवासी भूमि को पैसा लेकर तहसीलदार द्वारा पट्टा बनवा दिया गया। जो कि बताया जाता है ग्राम के दूसरे ग्रामवासी को दिया गया। इसी प्रकार एक और नया कारनामा जो कि पूर्व कलेक्टर द्वारा आवासी जमीन को किसी का परिवर्तन करने का अधिकार अपने स्वतः अधिकार से दिया गया। जो कि प्रशासन ने पूर्व के आम जनता का शोषण किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए नगर पालिका में शासकीय पैसे का बंदरबांट बेहाल है। नगर पालिका पार्षदों ने स्वयं का ठेकेदारी का काम चालू कर लिया। जो कि संविधान के विरूद्ध है। क्योंकि एक परिवार का एक ही व्यक्ति लाभ उठा सका है दूसरा नहीं। पर बैकुण्ठपुर में पार्षदों ने तो हद ही कर दिया है यहां तक कि, अपने सामने व अपने पीछे नगर पालिका के मत से पुरा लाभ ले रहे है। यहां तक कि, पीएचई आॅफिस के पास रोड बना हुआ है उस रोड के ऊपर और रोड बना रहे है। क्योंकि अपना-अपना पद का दूरूपयोग करने में लगे हुए है। साथ ही एमएलए नगर में भी रोड के ऊपर रोड बनाया गया, क्योंकि सब पार्षद बना रहे है। जबकि सुशासन के अन्तर्गत लोगों के द्वारा शिकायत किया गया फिर भी बैकुण्ठपुर प्रशासन द्वारा नजर-अंदाज कर दिया गया। क्या प्रशासन किसी के दबाव में चल रहा है ?
जानकार सूत्र बताते है कि, कोरिया जिले में कुशासन-कुशासन चारों तरफ फैला हुआ है कुछ लोग सच्चाई को छिपाने के लिए व्यापार विचारधारा के है जो कि अपने से मीडिया के नाम पर कलंकित हो रहे है। यहां तक कि, अपने पद और मीडिया को निचा दिखाने में लगे हुए है जो नई पीढ़ी के लोग अपने सम्मानित पत्रकारों को आंखों से नहीं देख सकते। आज देखा जाये तो करोड़ों के आसामी भी बने हुए है और हर व्यक्ति के पास कार उपलब्ध है। यहां तक कि, काले कारनामें में भी सबसे आगे वही पाये जा सकते है। क्योंकि ऐसे लोगों को कोरिया प्रशासन झूठी अफवा फैलाने के लिए समर्पित है। यह समाचार आम जनता के विचारधाराओं द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।


