Home कोरिया बैकुण्ठपुर/कोरिया : कोरिया जिला अपराधियों और भ्रष्टाचारियों का गढ़ ?…………..

बैकुण्ठपुर/कोरिया : कोरिया जिला अपराधियों और भ्रष्टाचारियों का गढ़ ?…………..

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जिला मुख्यालय के प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए सैकड़ों बार अपराधियों के कारनामों को नाम सहित समाचारों में छापा गया है साथ ही उच्च अधिकारियों को लिखित रूप में भी भेजा जाता रहा है, परंतु नाम मात्र के लिए कार्यवाही करने का दिखावा करने से भ्रष्टाचारियों को अब भी बढ़ावा मिल रहा है। क्योंकि भ्रष्टाचारी अपराधि उच्च अधिकारियों के अगल-बगल में ही देखे जा सकते है। सोचने वाली बात है कि, प्रशासन को ऐसे लोग ही पसंद है जो उनकी झूठी-झूठी बातों और खबरों को प्रकाशित कर सकें।

लोगों में तरह-तरह की चर्चाऐं है कि, कोरिया प्रशासन ही नहीं बल्कि हमारा छत्तीसगढ़ भी चापलूसों व अपवाहों में फंसा हुआ है। बड़ी विडम्बना की बात है अकेला चना क्या भाड़ फोड़ेगा ? वहीं मंत्रियों के पास अधिकारियों का जनघट लगा रहता है जो जिस विभाग का है वह उसी विभाग से सटे हुए रहते है और मंत्रियों और विधायकों को पांच साल बाद आमजनता की याद आती है। लोगों का कहना है कि, कोरिया प्रशासन आंख से अंधा और कान से भैरा हो चुका है  ? जिसको पत्रों और जनदर्शन के माध्यम से सैकड़ों बार लिखित में उच्च अधिकारियों तक को लिखा गया है परंतु अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन अधिकारियों का पैसा लेन-देन में वीडियों बना उन सभी वीडियो को शिवकुमार (आरआई) और नायब तहसीलदार द्वारा देखते हुए भी कार्यवाही न होना आम जनता का गला घोट रहे है। इसी प्रकार अजय साहू के द्वारा संपादक को धमकी दिया हुआ रिकाॅडिंग भी सुनाया गया है फिर भी कोई कार्यवाही नहीं किया गया। ऐसा लगता है कि, पूर्व के राजाओं का राज ही ठीक था न कि लोकतंत्र में लोकतांत्रिक सरकार। क्योंकि हत्या और भ्रष्टाचार की सीमा बढ़ चुकी है।

मिली जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग में बाबू से लेकर अधिकारियों तक पैसे के बल पर न्याय देते है। यहां तक कि, तहसीलदार के बाबू का लोगों में बड़ी-बड़ी चर्चा है कि, वह लगभग 20-22 साल तक एक ही तहसील में है और लगभग 4 मकान बना लिए। बैकुण्ठपुर में एक ही नमूना नहीं है ऐसे कई अधिकारी व कर्मचारी है जो कि सालों से एक ही विभाग में रहकर काम कर रहे है साथ ही अपने बच्चों को भी लगा रहे है। यहां तक कि, बाप के बच्चे भी लोगों को धमकियां देकर पैसे वसूल रहे है जिसका जीता जागता प्रमाण स्वास्थ्य विभाग सोनहत है।

जानकार सूत्र बताते है कि, बैकुण्ठपुर विभागों का हाल देखा जाये तो अधिकारी मंगलवार टीएल मीटिंग में ही दिखते है। बाकि के दिन अपने घर में ए.सी. का लुप्त लेते है। वहीं जल संसाधन विभाग में ऐसे दलाल घुसे हुए है जिनके बाप-दादे भूखे मरते थे आज वहीं लोग करोड़ों के आसामी बने हुए है क्योंकि फर्जी बिल लगाने वालों का ताता लगा हुआ है। बड़ी विडम्बना की बात है कि, दो ब्लाॅक का जिला है उसको भी संभाला नहीं जा रहा है। जिस अधिकारी को पैसा दो वही अधिकारी आपके फेवर में काम कर देगा। ऐसा कौन सा विभाग है जो कि फर्जी बिल लगाने के लिए लगभग 44 लाख रूपये का ठेका दिया गया ? फिर भी घटिया निर्माण किया गया। ऐसे ही कृषि विभाग में 4 कमीशनरी में 70 करोंड का घोटाला किया गया था। और यह किसके इशारे पर फर्जी ढंग से डायवर्सन एवं नगर निवेश सभी काम हो गये ? यह सभी बिन्दु जांच का विषय है। यह समाचार आम जनता के विचारधाराओं द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।

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