मुख्यालय बैकुण्ठपुर में सीएमएचओ व आॅपरेटर की मिलीभगर से भ्रष्टाचारी के मामले पर सुर्खियों पर छाये हुए है। जानकार सूत्र बताते है कि, गौतम परिवार का एक व्यक्ति सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनहत पर पदस्थ है जो कि संविदा नियुक्ति है। पूर्व में बैकुण्ठपुर में भी संविदा पर नियुक्त थे जो कि बताया जाता है कि, पूर्व में भी हेरा-फेरी के मामले में चर्चाऐं जोरो से चली। अब सोनहत में भी लगभग 65 प्रतिशत अपने पत्नी के नाम में ट्रांसफर करता है और 35 प्रतिशत लोगों को भुगतान करता है। सोचने वाली बात है कि, सीएमएचओ के कानों में यह बात पंहुचने के बावजूद भी ऐसा क्या है जो कि, संविदा नियुक्ति वाले को पद से नहीं हटा रहा ? और सीएमएचओ उसको छाती से लगाकर रखा हुआ है। जानकार सूत्र बताते है कि, सीएमएचओ उनको अब सोनहत से बचरा पोंड़ी में ट्रांसफर करने के फिराक में है।

मिली जानकारी के अनुसार, गौतम अपने पत्नी को फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर फर्जी नियुक्ति करके सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पटना में रखे हुए है। जो कि स्वास्थ्य विभाग में गौतम परिवार का वर्चस्व बना हुआ है। लोगों में चर्चा है कि, फर्जी ढंग से विकलांग सर्टिफिकेट बनवाने में भी इनका पूरा-पूरा योगदान रहता है। अब देखना यह है कि, इनकी कृत्यों की कहानी कहां तक जायेगी ?
