सूरजपुर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में राज्य शासन द्वारा प्रारंभ किए जा रहे ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान की जिला स्तरीय तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि यह अभियान केवल एक विभागीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं को अंतिम पंक्ति में खड़े परिवार तक पहुँचाने का संकल्प है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ योजनाबद्ध ढंग से कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि जिले का कोई भी पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित होने वाले इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 23 जिलों में 31 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं का शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण किया जाएगा, जिसमें सूरजपुर जिला भी सम्मिलित है। अभियान में सामाजिक सुरक्षा, आवास, रोजगार, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि एवं कौशल विकास से जुड़ी योजनाएँ शामिल हैं, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा जॉब कार्ड, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, वनाधिकार पट्टा तथा विभिन्न प्रमाण-पत्र सेवाएँ प्रमुख हैं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को अपनी-अपनी योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर शेष हितग्राहियों की सूची तत्काल तैयार रखने के निर्देश दिए।

अभियान के तीन चरणों की जानकारी देते हुए बैठक में बताया गया कि प्रथम चरण में ग्रामवार आधारभूत सर्वेक्षण एवं डेटा मानचित्रण, द्वितीय चरण में ग्राम, क्लस्टर एवं विकासखंड स्तर पर विशेष संतृप्तिकरण शिविरों का आयोजन तथा तृतीय चरण में सतत निगरानी, समीक्षा एवं मूल्यांकन किया जाएगा। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सर्वेक्षण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो, विभागीय आंकड़ों का आपसी मिलान किया जाए तथा शिविरों की तिथि एवं स्थल का ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण हितग्राही इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि शिविरों में आने वाले हितग्राही का आवेदन मौके पर ही निराकृत करने का प्रयास हो, जिससे उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि अभियान की प्रगति की निगरानी छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा विकसित किए जा रहे एकीकृत ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैशबोर्ड’ के माध्यम से की जाएगी, जिस पर जिला, विकासखंड, ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर तक प्रत्येक योजना की संतृप्तिकरण स्थिति, शेष हितग्राहियों की संख्या तथा प्रगति का प्रतिशत रियल-टाइम में उपलब्ध रहेगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को डैशबोर्ड में शत-प्रतिशत सही एवं अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले की प्रगति की समीक्षा नियमित रूप से की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही बैठक में सड़को की वर्तमान की वस्तु स्थिति को लेकर जानकारी ली गई। राजस्व अमले, नगरीय निकाय के सीएमओ व जनपद सीईओ को अपने क्षेत्र के भौतिक परीक्षण करने के निर्देश दिये गए। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दो में कहा कि जहां-जहां गढ्ढे है उन स्थानों से पीडब्लूडी व अन्य संबंधित निर्माण ऐजेसीं को अवगत कराया जाये और संबंधित एजेंसी तुरंत उन गढ्ढे को भरना सुनिश्चित करें। जहां कहीं भी आवागमन बाधित हो रहा है उन स्थानों पर प्राथमिकता के साथ मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिये गए। इसके साथ ही समय सीमा के बैठक में ही जल जीवन मिशन की समीक्षा की गई। जिसमें शेष कार्याे को गुणवत्तापुर्ण तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिये गए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर श्री जगन्नाथ वर्मा, सर्व एसडीएम व जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

