कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक नवगंज में एक आश्चर्यजनक घटनाक्रम देखने को मिला। जानकारी के अनुसार सुबह अवैध खनन से जुड़े माफियाओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई, जबकि रात लगभग 11 बजे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। बताया जा रहा है कि मामले से जुड़े दोनों पक्ष एक ही राजनीतिक दल के समर्थक हैं। वहीं, जानकारों का कहना है कि दोनों पक्षों को राजनीतिक स्तर पर सहयोग प्राप्त है।
कुछ लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि मामले से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों के राजनीतिक संबंध हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि इतने बड़े मामले में किन-किन स्तरों पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध खनन गतिविधियों के विस्तार में शासन, प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं संबंधित विभागों की लापरवाही भी एक कारण रही है।
लोगों का कहना है कि पूर्व में ग्राम पंचायतों के माध्यम से रेत का कारोबार संचालित होता था, लेकिन समय के साथ कथित रूप से माफिया तत्वों की सक्रियता बढ़ती गई। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। दूसरी ओर, एक पक्ष के जेल जाने के बाद कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं व्यापक जांच होना आवश्यक है।

