Home एम.सी.बी. एमसीबी-कलेक्टर की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक सम्पन्न सुशासन तिहार के आवेदनों...

एमसीबी-कलेक्टर की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक सम्पन्न सुशासन तिहार के आवेदनों के त्वरित निराकरण, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की मजबूती और शुद्ध पेयजल आपूर्ति पर विशेष जोर 9,484 आवेदनों में 5,261 का निराकरण, विभागवार समीक्षा कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश…………..

11
0

एमसीबी/16 जून 2026/ कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति, शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्रदाय सेवाओं तथा सुशासन तिहार 2026 के तहत प्राप्त मांग एवं शिकायत संबंधी आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना तथा प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने तथा जनहित से जुड़े मामलों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में सुशासन तिहार 2026 की प्रगति रिपोर्ट की विभागवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले के 69 शासकीय कार्यालयों में अब तक कुल 9,484 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 9,027 मांगें एवं 457 शिकायतें शामिल हैं। प्रशासन द्वारा अब तक 5,261 आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, जबकि 4,223 आवेदन विभिन्न विभागों में लंबित हैं। कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को व्यक्तिगत निगरानी में प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में सर्वाधिक 931 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या पेयजल व्यवस्था से संबंधित है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के पास 561 आवेदन प्राप्त हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद पंचायत खड़गवां में 1,392, जनपद पंचायत भरतपुर में 1,231 तथा जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ में 1,055 आवेदन दर्ज किए गए हैं। शहरी क्षेत्र में नगर पालिक निगम चिरमिरी में प्राप्त अधिकांश आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। राजस्व विभाग के अंतर्गत तहसील कार्यालयों में प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई तथा राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।
बैठक में आगामी वर्षा ऋतु के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की विशेष समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मौसमी एवं जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग, नगरीय निकायों, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डायरिया, मलेरिया, डेंगू, वायरल फीवर तथा अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं तथा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जाए।


स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिले के सभी जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक जीवन रक्षक एवं सामान्य दवाइयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि वर्षाकाल में किसी भी स्वास्थ्य संस्था में दवाइयों की कमी की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। साथ ही सर्पदंश की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्नेक एंटी वेनम (एएसवी) की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने, चिकित्सकीय टीमों को प्रशिक्षित करने तथा आपातकालीन उपचार व्यवस्था को हर समय सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं नगरीय निकायों को पेयजल स्रोतों की नियमित जांच, जल गुणवत्ता परीक्षण एवं क्लोरीनेशन की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में दूषित पेयजल से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी जल स्रोतों की सतत निगरानी आवश्यक है। पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा अथवा शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं की समीक्षा करते हुए समय-सीमा के भीतर आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सभी विभागों को जन सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों की जानकारी अद्यतन रखने तथा संबंधित अधिकारियों को पोर्टल पर ऑनबोर्ड करने को कहा गया, ताकि आम नागरिकों को सूचना प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री स्वनिधी योजना की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। कौशल विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़ने, प्रशिक्षण उपरांत रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों के समन्वय से अधिकाधिक युवाओं को लाभान्वित करने पर जोर दिया गया।
श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान असंगठित एवं संगठित श्रमिकों के पंजीयन, श्रमिक पोर्टल पर पंजीकृत हितग्राहियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने तथा पात्र परिवारों के राशन कार्ड निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को विभागीय समन्वय स्थापित कर पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान नई आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थापना, भवन निर्माण, पोषण पुनर्वास गतिविधियों, कुपोषण नियंत्रण कार्यक्रमों तथा महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक पहुंच रहा है। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण हो। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here