विशेष संवाददाता | Nilesh Sony
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) ने एक बार फिर आदिवासी अस्मिता और अधिकारों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाते हुए बड़ा प्रदर्शन किया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव माननीय श्याम सिंह मरकाम की गरिमामयी उपस्थिति में पथरिया में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनसमर्थकों ने SDM कार्यालय का घेराव किया।
यह आंदोलन विशेष रूप से “सतरंगी झंडा” के कथित अपमान के विरोध में आयोजित किया गया, जिसे गोंडवाना की पहचान और स्वाभिमान का प्रतीक माना जाता है।
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गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेतृत्व में भारी जनसमूह का प्रदर्शन
पथरिया SDM कार्यालय का घेराव, प्रशासन के खिलाफ तीखा विरोध
“सतरंगी झंडा हमारा स्वाभिमान है” जैसे नारों से गूंजा क्षेत्र
आदिवासी समाज के सम्मान और पहचान की रक्षा को लेकर स्पष्ट संदेश
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श्याम सिंह मरकाम का बयान:
राष्ट्रीय महासचिव श्याम सिंह मरकाम ने अपने संबोधन में कहा कि
> “गोंडवाना का सतरंगी झंडा केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, इतिहास और अस्तित्व की पहचान है। इसका अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।


यह घटना केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान और पहचान की रक्षा का बड़ा संदेश देती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी इस मुद्दे के माध्यम से जनभावनाओं को संगठित कर रही है और आदिवासी क्षेत्रों में अपनी पकड़ को और मजबूत बना रही है।
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“हमारा अपमान नहीं सहेगा गोंडवाना”
“सम्मान हमारा अधिकार है”
“गोंडवाना एकता जिंदाबाद”
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पथरिया में हुआ यह घेराव अब एक स्थानीय मुद्दे से उठकर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनता जा रहा है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आदिवासी अस्मिता के मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी, और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को देशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा।

