📍 विशेष रिपोर्ट |
निलेश सोनी संभाग ब्यूरो चीफ
समाचार
छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव की बड़ी आवाज आज सीधे सत्ता के सर्वोच्च स्तर तक पहुंची, जब ग्राम पंचायत के एक युवा, जो किसान और मजदूर परिवार से ताल्लुक रखते हैं, ने प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष अपने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को मजबूती के साथ रखा।
भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता एवं उपसरपंच की जिम्मेदारी निभा रहे इस युवा ने प्रशासनिक समझ और जनहित के दृष्टिकोण से ग्राम पंचायत परसा बाहरी एवं आश्रित ग्राम करी में वर्षों से लंबित सड़क निर्माण और आंगनवाड़ी भवन निर्माण की मांग को प्रमुखता से उठाया।
🔹 जनहित का मजबूत पक्ष
युवा उपसरपंच ने मुख्यमंत्री के समक्ष स्पष्ट रूप से बताया कि:
सड़क के अभाव में ग्रामीणों को आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आंगनवाड़ी भवन न होने से छोटे बच्चों और माताओं को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह केवल एक विकास कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीणों के मौलिक अधिकारों और जीवन स्तर से जुड़ा मुद्दा है।
प्रशासनिक दृष्टि से सशक्त प्रस्तुति
उपसरपंच ने अपनी बात रखते हुए:
पंचायत स्तर के प्रस्ताव,
पूर्व में दिए गए आवेदन,
तथा क्षेत्रीय आवश्यकताओं के ठोस तथ्यों को प्रस्तुत किया
जिससे यह मांग केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि नियमों और विकास योजनाओं के अनुरूप पूरी तरह न्यायसंगत सिद्ध हुई।
* मुख्यमंत्री से सीधा संवाद
मुख्यमंत्री के समक्ष इस मुद्दे को रखते हुए युवा प्रतिनिधि ने भरोसा जताया कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के तहत इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भी इस विषय को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु संकेत दिए।
* गांव का बेटा बना बदलाव की पहचान
यह पहल न केवल एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का उदाहरण है, बल्कि यह दर्शाती है कि जब गांव का एक साधारण किसान-मजदूर का बेटा ठान ले, तो वह व्यवस्था के उच्चतम स्तर तक अपनी आवाज पहुंचा सकता है।
आज यह युवा पूरे क्षेत्र के लिए संघर्ष, नेतृत्व और जनसेवा का प्रतीक बनकर उभरा है।
* ग्रामीणों में जगी उम्मीद
इस पहल के बाद ग्रामवासियों में नई उम्मीद जगी है कि: अब उनके गांव में भी विकास की रफ्तार तेज होगी
👉 बच्चों को बेहतर पोषण और शिक्षा सुविधा मिलेगी
👉 और क्षेत्र मुख्यधारा से जुड़ सकेगा
—
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि यदि जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए ईमानदारी से प्रयास करें, तो गांव की छोटी समस्याएं भी प्रदेश स्तर पर गूंज बन सकती हैं।
ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान जल्द होगा और विकास का नया अध्याय शुरू होगा।

