सुकमा जिले में गुरुवार शाम आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत को कुछ ही मिनटों में तबाह कर दिया। तेज हवाओं के चलते केला, आम और मक्का समेत कई फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान केले की खेती को हुआ है।
तैयार फसल जमीन पर गिरने से किसानों की उम्मीदें टूट गई हैं।तेज हवाओं के कारण केला, आम और मक्का समेत कई फसलें प्रभावित हुईं, लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान केले की खेती को हुआ है।
जिले में करीब 500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में केले की खेती की जाती है और यहां का केला जगदलपुर, ओडिशा व तेलंगाना तक भेजा जाता है।
किसान रंगाराजू ने बताया कि उनके 5 एकड़ में लगी केले की फसल पूरी तरह तबाह हो गई, जिससे करीब 4 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं किसान सूर्य नारायण राजू की 7 से 8 एकड़ फसल भी लगभग पूरी तरह चौपट हो गई।

तैयार फसल के जमीन पर गिर जाने से किसानों पर भारी आर्थिक संकट गहरा गया है। फसल तैयार होने के समय प्रत्येक पौधे को सहारा देने के लिए एक से दो बांस लगाए जाते हैं, ताकि तेज हवा में पौधे गिर न सकें। लेकिन इस बार तूफान इतना तेज था कि बांस भी टूट गए और पूरी फसल बर्बाद हो गई।
किसानों ने बताया कि केले की फसल तैयार करने में लगभग 10 महीने की मेहनत लगती है। फसल तैयार होने के बाद अच्छी आमदनी की उम्मीद रहती है, लेकिन अचानक आए आंधी-तूफान ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

