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एमसीबी-चिरमिरी को मिली विकास की ऐतिहासिक सौगात 5.09 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक ऑडिटोरियम, सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियों को मिलेगा नया आयाम………

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रिपोर्ट: निलेश सोनी, संभागीय ब्यूरो प्रमुख

एमसीबी। छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के चिरमिरी नगर को राज्य शासन की ओर से बड़ी विकासात्मक सौगात मिली है।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा लगभग 509.36 लाख रुपये की लागत से आधुनिक एवं भव्य ऑडिटोरियम निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

यह परियोजना मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन योजना के अंतर्गत स्वीकृत हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है।

प्रस्तावित ऑडिटोरियम का निर्माण शासकीय महाविद्यालय चिरमिरी के समीप किया जाएगा। यह भवन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में शैक्षणिक, सामाजिक, प्रशासनिक एवं राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे चिरमिरी को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

किसी भी क्षेत्र के विकास में आधुनिक सभागार और सार्वजनिक अधोसंरचना की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

बड़े शहरों की तर्ज पर अब चिरमिरी में भी सेमिनार, प्रशासनिक बैठकें, युवा महोत्सव, रोजगार मेले, सांस्कृतिक आयोजन और सरकारी कार्यक्रम बेहतर सुविधाओं के साथ आयोजित हो सकेंगे।

देशभर में आधुनिक ऑडिटोरियम सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक क्षेत्र में उच्चस्तरीय सभागार सुविधा का अभाव था, जिसके कारण बड़े कार्यक्रम आयोजित करने में कठिनाइयाँ आती थीं।

नई परियोजना से न केवल सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय कलाकारों, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों को भी मंच प्राप्त होगा।

इस अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में चिरमिरी लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह ऑडिटोरियम आने वाले समय में चिरमिरी की नई पहचान बनेगा।

प्रशासनिक दृष्टि से भी यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आधुनिक तकनीक और सुव्यवस्थित संरचना से युक्त यह भवन भविष्य में जिला एवं संभाग स्तर की सरकारी बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा सार्वजनिक संवादों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

देश में आधुनिक सार्वजनिक सभागारों का विस्तार प्रशासनिक दक्षता और सांस्कृतिक विकास दोनों को मजबूत करता है।

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