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रायपुर/बलरामपुर- सिंचाई परियोजना से प्रभावित आदिवासी किसानों की लड़ाई में मजबूती से उतरी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी “जल-जंगल-जमीन की लड़ाई अब राष्ट्रीय आंदोलन बनेगी” — जीजीपी ने सरकार को दी चेतावनी…………..

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Report Nilesh Soni

रायपुर/बलरामपुर।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत कुलडीह में संचालित सिंचाई परियोजना से प्रभावित आदिवासी किसानों के मुआवजा और पुनर्वास के मुद्दे ने अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक रूप ले लिया है। आदिवासी अधिकारों की मुखर आवाज बनकर उभर रही गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) ने प्रभावित किसानों के पक्ष में मोर्चा खोलते हुए राज्य सरकार और प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

रायपुर स्थित भूमि अर्जन पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण न्यायालय में प्रभावित किसानों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुशोभित सिंह एवं चंद्रकुमार पटेल ने जोरदार पैरवी करते हुए मुआवजा वृद्धि और न्यायपूर्ण पुनर्वास की मांग उठाई। इस दौरान गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. एल.एस. उदय सिंह ने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का ऐलान किया।

डॉ. उदय सिंह ने कहा कि

> “आदिवासी किसानों की जमीन छीनकर विकास के नाम पर उन्हें उजाड़ना लोकतंत्र नहीं, बल्कि शोषण है। जब तक प्रभावित परिवारों को न्यायपूर्ण मुआवजा, रोजगार और सम्मानजनक पुनर्वास नहीं मिलेगा, तब तक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी आंदोलन जारी रखेगी।”

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से आदिवासी अंचलों में विकास परियोजनाओं के नाम पर स्थानीय लोगों की जमीन ली जा रही है, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ आश्वासन और प्रशासनिक उपेक्षा मिल रही है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र न्यायसंगत निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने इस मुद्दे को केवल मुआवजे का मामला नहीं बल्कि “आदिवासी अस्तित्व और अधिकारों की लड़ाई” बताया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि जल, जंगल और जमीन पर पहला अधिकार मूल निवासियों का है और किसी भी परियोजना में उनकी सहमति और सम्मान सर्वोच्च होना चाहिए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आदिवासी क्षेत्रों में लगातार सक्रियता और जनसरोकार के मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी आगामी समय में एक मजबूत क्षेत्रीय शक्ति के रूप में उभर सकती है।

हेडलाइन विकल्प:

“आदिवासी किसानों के हक की लड़ाई में उतरी GGP, मुआवजा आंदोलन को बनाया राष्ट्रीय मुद्दा”

“जल-जंगल-जमीन पर हक की हुंकार: गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने सरकार को घेरा”

“विकास नहीं विस्थापन का दर्द: प्रभावित किसानों के साथ मजबूती से खड़ी हुई GGP”

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