हाईकोर्ट बिलासपुर के कोटा थानाक्षेत्र के ग्राम पंचायत छतौना के तत्कालीन सरपंच संतकुमार पैकरा आत्महत्या मामले में आरोपी अजय सिंह की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई काफी आगे बढ़ चुकी है और छह अभियोजन गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं,
याचिकाकर्ता अजय सिंह की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि चार्जशीट और गवाहों के बयानों में ऐसा कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है, जिससे आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला बनता हो। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता का केवल पुराना व्यावसायिक संबंध था और उसे बेवजह मामले में फंसाया गया है।

जांच में मिले कथित सुसाइड नोट में रेत घाट संचालन और पैसों के लेन-देन को लेकर प्रताड़ना एवं अपमान का जिक्र किया गया था। पुलिस जांच के बाद 14 अगस्त 2024 को अजय सिंह सहित आठ आरोपियों के खिलाफ धारा 306, 34 आईपीसी तथा एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट पेश की गई थी।
सुसाइड नोट में रेत घाट और आर्थिक लेन-देन से जुड़े लोगों का उल्लेख किया गया है, जिससे प्रथमदृष्ट्या याचिकाकर्ता का संबंध सामने आता है। कोर्ट ने यह भी माना कि ट्रायल काफी आगे बढ़ चुका है और छह गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। ऐसे में कार्यवाही रद्द करना न्यायहित में नहीं होगा।

