रिपोर्ट): nilesh sony
सोनहत (छत्तीसगढ़/
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना की जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
ग्राम पंचायत सोनहत के मिनी स्टेडियम में लाखों की लागत से निर्मित पानी की टंकी निर्माण के बाद से ही निष्क्रिय पड़ी हुई है।
गौरतलब है कि भीषण गर्मी के दिनों में जहां ग्रामीणों और मोहल्लेवासियों को पेयजल के लिए जूझना पड़ता है, वहीं यह टंकी उपयोग में न आकर केवल “सफेद हाथी” साबित हो रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि योजना का लाभ अब तक धरातल पर नहीं उतर पाया, जिससे जल संकट लगातार गहराता जा रहा है।

इस संबंध में जब सरपंच से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर अब तक कर्तव्यों का हस्तांतरण नहीं किया गया है।
जैसे ही विभाग से जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, टंकी को चालू कर दिया जाएगा।
फिलहाल सवाल यह उठता है कि जब सरकार “हर घर जल” का दावा कर रही है, तो फिर ऐसी अधूरी परियोजनाओं की जवाबदेही किसकी है?
“टंकी बनी, पानी नहीं! सोनहत में जल जीवन मिशन फेल या सिस्टम फेल?”

